MLC चुनाव के दौरान बागी हुए JDU के मोकामा विधायक अनंत सिंह को बिहार विधानसभा की तरफ से नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उनसे पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए JDU द्वारा की गई शिकायत और उनकी विधायकी रद करने की अनुशंसा पर जवाब मांगा गया है। अनंत सिंह को इस नोटिस का एक हफ्ते के भीतर जवाब देना होगा। जेडीयू ने विधानसभा को सबूतों के साथ एक पत्र सौंपा है, जिसमें अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की गई है। JDU के इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अनंत सिंह को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।

दरअसल आज सोमवार को अनंत सिंह को विधानसभा से एक नोटिस मिला। यह मामला पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोपों से जुड़ा है। इन आरोपों के आधार पर JDU ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मिलकर उनको एक आवेदन सौंपा, जिसमें मोकामा विधायक अनंत सिंह की सदस्यता खत्म करने का अनुरोध किया गया। JDU के आवेदन में आरोप लगाया गया कि अनंत सिंह MLC चुनाव के दौरान पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इसी शिकायत के आधार पर विधानसभा में आगे की कार्यवाही शुरू की गई है।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अपनी शिकायत पत्र के साथ विधानसभा अध्यक्ष को कई दस्तावेज भी दिए। इनमें अखबारों की कटिंग, एक CD और अन्य सबूत शामिल थे। इन दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह ने अनंत सिंह को एक नोटिस जारी किया। विधानसभा से मिले नोटिस में विधायक अनंत सिंह से सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। उन्हें यह नोटिस आज सोमवार को मिला। फिलहाल, उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई अनंत सिंह का जवाब मिलने के बाद की जाएगी। इससे पहले 24 अक्टूबर 2026 को जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। उनकी जदयू की प्राथमिक सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी और अब पार्टी उनकी विधायकी को खत्म कराने में जुटी है।
