MLC चुनाव में सीधे-सीधे अपनी ही पार्टी JDU से मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पंगा क्या लिया, उनपर एक के बाद एक आफत टूट पड़ी है। पहले पार्टी कैंडिडेट नीरज का खुला विरोध कर बगावत करने वाले अनंत को जहां JDU ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, वहीं उनकी पत्नी का मंत्री वाला दर्जा भी छिन गया। इसके बाद JDU ने अनंत सिंह की विधायकी खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। अब अनंत सिंह पर ताजा आफत यह टूट पड़ी है कि दुलारचंद हत्याकांड में एकबार फिर उनके जेल जाने की नौबत आन पड़ी है। पटना हाई कोर्ट से इस कांड में उन्हें मिली जमानत के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो गई है जिसपर 30 अक्टूबर को सुनवाई होगी। ऐसे में अगर अनंत सिंह की हाईकोर्ट से मिली जमानत पर फैसला पलटता है तो, उन्हें एकबार फिर जेल के भीतर जाना पड़ेगा।

दुलारचंद के पोते ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
से बगावत करने के बाद पिछले कई दिनों से मीडिया में—’ना मरने का गम, ना जीने की खुशी’ कहने वाले अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली बेल को रद्द करने की याचिका पर 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। यह भी अजीब संयोग है कि 30 अक्टूबर को ही दुलारचंद यादव की बरसी भी है। पिछले साल 30 अक्टूबर को ही उनकी मोकामा टाल में हत्या हो गई थी और इसमें अनंत सिंह को मुख्य अभियुक्त बनाया गया था। हाल के MLC चुनाव में पटना स्नातक सीट पर अपनी ही पार्टी जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनंत सिंह जदयू कड़ी कार्रवाई करने के लिए तूल गई है। उनकी पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति से हटाने के साथ ही उनको मिले बंगला खाली करने का नोटिस भी सौंपा जा चुका है।
पटना HC से मिली बेल रद्द करने पर 30 को सुनवाई
दुलारचंद यादव की हत्या 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान 30 अक्टूबर को कर दी गई थी। तब विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह मोकामा से जदयू प्रत्याशी थे। प्रचार के दौरान अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के काफिले में भिड़ंत हो गई, जिसमें दुलारचंद मारे गए। अनंत सिंह को इस कांड में जेल जाना पड़ा और उन्होंने जेल से ही चुनाव जीता। करीब 4 माह जेल में रहने के बाद अनंत को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली और तब से वे बाहर हैं। खबर है कि दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट दुलाचंद यादव के पोते की याचिका पर 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस सुनावई में यह तय हो जाएगा कि अनंत सिंह जमानत पर बाहर रहेंगे, या फिर जेल के भीतर कर दिये जाएंगे।
