-करवा चौथ के शुभ संयोग और पूजा का समय
नवादा : अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के प्रतीक का पावन पर्व करवा चौथ इस वर्ष अत्यंत ही मंगलकारी संयोग के बीच मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी 29 अक्टूबर, गुरुवार को सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक करवा चौथ को लेकर बाजारों में विशेष चहल-पहल और महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

इस वर्ष करवा चौथ के पर्व पर लक्ष्मी नारायण राजयोग सरीखे दुर्लभ व बेहद अद्भुत और शुभ संयोगों में मनाया जाएगा। इस करवा चौथ पर तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का प्रभाव बना रहेगा। यह योग भौतिक सुख-सुविधाओं, वैवाहिक संबंधों में मधुरता और दीर्घकालिक सकारात्मकता के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है, जो वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और स्थिरता के कारक माने जाते हैं। इसके साथ ही इस दिन पुष्य नक्षत्र या अन्य शुभ योगों का प्रभाव व्रत के फल को कई गुना बढ़ा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर ग्रहों की स्थिति सुहागिनों के लिए अत्यंत फलदायी और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली है।
व्रत और पूजा-पाठ के लिए पंचांग के अनुसार समय का विशेष महत्व है । करवा चौथ की पूजा का सबसे श्रेष्ठ और प्रामाणिक समय का ध्यान रख कर व्रती पूजन करें, तो यह विशेष लाभप्रद साबित होगा। चतुर्थी तिथि का आरंभ 28 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 29 अक्टूबर 2026 की रात तक व्याप्त रहेगी। संध्या पूजन का शुभ मुहूर्त 29 अक्टूबर की शाम को 05:39 बजे से 06:56 बजे तक रहेगा। इस 1 घंटे 17 मिनट की अवधि में महिलाएं प्रदोष काल में माता करवा यानी गौर माता, गणेश जी और भगवान शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर सकेंगी और करवा चौथ की कथा सुन सकेंगी।

करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। चंद्रोदय का समय 29 अक्टूबर की रात्रि को 08:15 बजे से 08:30 बजे के मध्य रहेगा, जब चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में उदित होंगे। चंद्रोदय के बाद महिलाएं छलनी से चंद्रमा और अपने पति का दर्शन कर जल अर्पित करेंगी तथा पति के हाथों से जल ग्रहण करके अपना कठिन निर्जला व्रत संपन्न करेंगी।
बाजारों में रौनक, है खरीदारी का दौर:- करवा चौथ को लेकर नवादा के मुख्य बाजारों में श्रृंगार सामग्रियों की दुकानों पर भीड़ दिख रही है। सुहागिन महिलाओं द्वारा मिट्टी के करवा, चलनी, महावर, सिंदूर, नए वस्त्र और आभूषणों आदि की अपनी सहूलियत से अभी से ही खरीदारी की जा रही है। बाजारों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। संध्या पूजन का समय (प्रदोष काल): सायं 05:39 बजे से 06:56 बजे तक (सर्वोत्तम)। अमृत काल (दिन का शुभ समय): प्रातः 08:16 बजे से 09:43 बजे तक। (उत्तम) अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:42 बजे से 12:26 बजे तक (शुभ कार्य या संकल्प के लिए)। राहुकाल (अशुभ काल): दोपहर 01:28 बजे से 02:51 बजे तक।

भईया जी की रिपोर्ट
