एमएलसी चुनाव में बागी होने के बाद JDU से निकाले गए मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने के लिए पार्टी ने एक्शन शुरू कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा आज सोमवार को विधानसभा पहुंचे और वहां उन्होंने स्पीकर प्रेम कुमार को अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए पार्टी की तरफ से अनुशंसा पत्र सौंपा। उमेश कुशवाहा ने इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष को करीब 10 पेज के दस्तावेजी सबूत के साथ वीडियो भी सौंपा है। कहा जा रहा है कि इस खत में अनंत सिंह की पार्टी विरोधी सभी कार्यों का कच्चा-चिट्ठा है। इसके साथ ही JDU ने स्पीकर से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा की है। अनंत सिंह को जेडीयू पहले ही छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुकी है। इसके अलावा उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी 20 सूत्र कमेटी से हटाते हुए उनसे उपमंत्री का दर्ज छीन लिया गया है।

10 पेज का दस्तावेज और वीडियो सौंपा
बताया जाता है कि आज जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा पार्टी की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष के पास केवल अनुशंसा पत्र लेकर ही नहीं पहुंचे थे, बल्कि उनके सामने अनंत सिंह से जुड़े करीब 10 पेज के दस्तावेजी सबूत भी उन्होंने रखे। इसके साथ ही अनंत सिंह द्वारा पार्टी विरोधी प्रचार और कार्यों का एक वीडियो भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया है। जेडीयू का कहना है कि इन दस्तावेजों और वीडियो के आधार पर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। अब पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका अहम हो गई है। जेडीयू की अनुशंसा और सौंपे गए दस्तावेजों की जांच के बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म होगी और अगर होगी तो मोकामा विधानसभा सीट को लेकर आगे क्या प्रक्रिया होगी।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने स्पीकर के यहां से निकलने के बाद कहा कि अनंत सिंह ने पार्टी निर्देश के बावजूद दल विरोधी जितने भी काम किये हैं, सबके ठोस सबूत मौजूद हैं। इसलिए अब उनकी विधायकी भी जाएगी।
इधर मोकामा विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद बिहार की सियासत तब गरमा गई, जब उनके एक बार फिर कांग्रेस का रुख करने की खबरें उड़ी। अनंत सिंह ने पार्टी के फैसले और जेडीयू नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठाए। कहा जा रहा कि इसी के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए विधायकी खत्म करने की अनुशंसा कर दी है।फिलहाल सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर है। यदि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो मोकामा की राजनीति में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
