राजधानी पटना में आज शुक्रवार की सुबह—सुबह मुख्यमंत्री आवास के बाहर झाड़ियों में रखे एक बैग से शराब की बोतलें बरामद हुईं। इसपर लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी की जबर्दस्त मौज ले ली। सीएम हाउस के बाहर शराब की बोतल मिलने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सीएम आवास के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नियमित निगरानी के दौरान सड़क किनारे एक संदिग्ध बैग पड़ा देखा। जांच करने पर बैग के अंदर शराब की बोतलें मिलीं। जवानों ने तुरंत इलाके को घेरे में ले लिया और जांच शुरू की। यह पता लगाया जा रहा है कि सीएम हाउस जैसे वीआईपी इलाके में कोई दारू की बोतलों वाल बैग कैसे प्लांट कर गया। अधिकारियों ने बताया कि इतने संवेदनशील क्षेत्र से प्रतिबंधित शराब की बरामदगी को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
इधर इस मामले के सामने आने के बाद इसपर सियासत भी शुरू हो गई है। राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि—’कहीं ऐसा तो नहीं कि अवैध शराब के कारोबारियों की पहुंच मुख्यमंत्री आवास तक है?’ इसके बाद रोहिणी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर सवाल उठाते हुए लिखा— ‘मुख्यमंत्री जी… ये कैसी शराबबंदी है जिसमें शराब की बोतल कभी उच्च सुरक्षा वाले विधानसभा परिसर में मिलती है, मंत्रियों-उच्चाधिकारियों के बैठने वाले सरकारी कार्यालयों के गलियारे में मिलती है और सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जगह आपके आधिकारिक आवास के समीप भी मिलती है?’
मुख्यमंत्री से रोहिणी आचार्य ने कहा कि आपके आवास के समीप तक शराब की बोतल कैसे पहुंची? आवास के समीप बैठकर कौन शराब पी रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि अवैध शराब के कारोबारियों की पहुंच मुख्यमंत्री आवास तक है? रोहिणी ने आगे लिखा कि सीएम आवास के समीप शराब की बोतल मिलने से ही स्पष्ट है कि बिहार में शराबबंदी का कानून महज फाइलों और बयानबाजी तक ही सीमित है और बिहार का कोई भी कोना ऐसा नहीं है, जहां शराब सुलभता से उपलब्ध नहीं है। पूरे बिहार में अब ये आम धारणा कायम हो चुकी है कि अवैध शराब के कारोबारियों का रसूख, उनकी पहुंच, सरकार-शासन-प्रशासन से ज्यादा है। शराब का अवैध कारोबार सत्ता-शासन-प्रशासन के संरक्षण में अपने परवान पर है। शराबबंदी के कानून को सफल बताने के तमाम दावे महज शगूफाबाजी हैं।