बिहार सरकार की आर्थिक अपराध इकाई EOU ने एक महिला दारोगा से 40 लाख की ठगी करने के आरोप में जदयू नेता और प्रदेश महासचिव धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी पर प्राथमिकी दर्ज की है। जदयू नेता पर आरोप है कि उन्होंने महिला दारोगा के बेटे को BPSC में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 40 लाख रुपए ऐंठ लिए। आर्थिक अपराध इकाई की ओर से की जा रही जांच के मुताबिक पटना पुलिस की महिला दारोगा आशा सिंह ने अपने बेटे रितेश को बीपीएससी परीक्षा पास कराने के लिए जेडीयू के प्रदेश महासचिव और पूर्व में कुम्हरार विधानसभा सीट से बतौर राजद कैंडिडेट चुनाव लड़ चुके धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी को 40 लाख रुपये का चढ़ावा दिया। जब रीतेश बीपीएससी परीक्षा पास नहीं हुआ, तो मामला पुलिस से लेकर कोर्ट तक पहुंच गया तथा सारी पोल खुल गई। दारोगा के आमदनी की भी और जेडीयू नेता के कारिस्तानी की भी।
मामले की जांच जब आर्थिक अपराध इकाई ने शुरू की तब एजेंसी ने दारोगा और उनके बेटे के अलावा जेडीयू नेता के साथ उनकी पत्नी और ससुर सहित पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया। प्राथमिकी में जदयू नेता के पिता ब्रजकिशोर प्रसाद, उनकी पत्नी डॉ. रजनी, घूस की रकम देने वाली महिला दारोगा आशा सिंह और उनके बेटे रितेश को भी आरोपित बनाया गया है। जांच की जिम्मेदारी ईओयू की डीएसपी स्वाति कृष्णा को सौंपी गई है। आरोपी जदयू नेता धर्मेंद्र पहले आरजेडी में था और बाद मेंं उसने जदयू ज्वाइन कर ली थी।
बताया जाता है कि बेटे का नाम मेरिट लिस्ट में नहीं आने पर दारोगा ने जदयू के नेताजी से पैसे वापस मांगे और यहीं से विवाद शुरू हो गया। बताया जाता है कि इसके बाद जदयू नेता ने दारोगा को 25 लाख का एक चेक दिया जो बाउंस हो गया। बाकी 15 लाख भी नहीं मिले। उसके बाद दारोगा ने जनवरी, 2024 में जेडीयू नेता के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। मामला जब कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने पूछा कि दारोगा के पास 40 लाख कहां से आए। उसके बाद इस मामले में एसएसपी की सिफारिश और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई ने मामले की जांच शुरू कर दी।