नवादा : प्रेमियों के साथ मिलकर पति की हत्या करने के मामले में नवादा की अदालत ने दोषी पत्नी सरिता देवी को उम्रकैद की सजा सुनायी है। व्यवहार न्यायालय में एडीजे-9 की अदालत ने रोह थाना कांड संख्या 81/2024 और सत्रवाद संख्या 472/2024 में यह फैसला सुनाया। अदालत ने हत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, साक्ष्य मिटाने के मामले में धारा 201 के तहत सात वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गयी। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों धाराओं के तहत कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मामले के अनुसार, सरिता देवी पर अपने पति सुनील रजक की प्रेमियों के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद शव को करीब 10 टुकड़ों में काटकर बोरों में भरा गया और अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया। आरोप है कि मामले से बचने के लिए सरिता देवी खुद इस प्रकरण में सूचक बन गयी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वरिष्ठ अपर लोक अभियोजक राम प्रताप लाल ने पक्ष रखा और अभियुक्त को कड़ी सजा देने की अपील की। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सरिता देवी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी। फैसले के बाद सरिता देवी के रोने और गिड़गिड़ाने की जानकारी मिली। इस मामले में पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की पैरवी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट

