बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग होगी। इसके लिए आज सोमवार से उम्मीदवारों का नामांकन शुरू हो गया है। बीजेपी ने अब तक इस सीट पर अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। लेकिन जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने यहां से खुद के चुनाव लड़ने का ऐलान कर यहां मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। ऐेसे में इस उपचुनाव में जनसुराज और बीजेपी के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीटिंग सीट होने की वजह से यह उपचुनाव उनके लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। एक ओर बांकीपुर को बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहीं दूसरी ओर यह प्रशांत किशोर के लिए उनकी चुनावी राजनीति की यहां बड़ी परीक्षा होने वाली है। इस सीट के लिए बीजेपी के तीन चेहरों की चर्चाा हो रही है। कहा जा रहा है कि नितिन नवीन इन्हीं में से किसी एक के नाम पर मुहर लगा सकते हैं।
बांकीपुर में कौन होगा भाजपा प्रत्याशी, इसपर मंथन के लिए बीते दिन बीजेपी कार्यालय में पार्टी कोर कमेटी की बैठक में गहन विचार विमर्श हुआ। इस बैठक में तीन नाम रेस में उभर कर सामने आए। कहा जा रहा कि इन्हीं में किसी एक चेहरे को भाजपा यहां से उतार सकती है। भाजपा सूत्रों के अनुसार इन तीन नामों में रणवीर नंदन, अजय आलोक और नील रतन घोष सबसे आगे चल रहे हैं। माना जा रहा कि इन्हीं तीन में किसी एक को बांकीपुर से पार्टी उतारने पर विचार कर रही है। बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष संजय सरावगी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक स्वर से कहा कि यहां पार्टी ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बांकीपुर की जनता एक बार फिर पार्टी का साथ देगी, क्योंकि पूर्व विधायक नितिन नवीन ने क्षेत्र में व्यापक विकास कार्य किए हैं।
कमेटी की बैठक में यह भी कहा गया कि बीजेपी बांकीपुर में नितिन नवीन के कार्यों के आधार पर जनता से समर्थन मांगेगी और भारी मतों से उपचुनाव जीतेगी। पार्टी अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 बूथों पर सात चरणों में चुनावी अभियान की रणनीति बनाई है। इसके तहत संगठन को मजबूत करने, बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की बैठकों और जनसंपर्क अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चुनाव प्रचार को धार देने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से विधायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने बांकीपुर का प्रत्याशी तय करने के लिए अपनी तरफ से तीन नामों पर विचार कर लिया है। इनमें से कौन लड़ेगा, यह फैसला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर ही छोड़ा गया है।