बिहार में अब 250 मीटर से ज्यादा लंबे पुलों को पार करने के लिए आपको टोल टैक्स देने होंगे। राज्य सरकार स्टेट हाईवे के उन पुलों पर टोल टैक्स वसूल करने की तैयारी में है, जो 250 मीटर से अधिक लंबे हैं। इसके लिए सरकार ने पुलों के सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। सर्वे में स्टेट हाईवे पर स्थित सभी पुलों का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि किन पुलों की लंबाई 250 मीटर या उससे अधिक है और ऐसे किन—किन पुलों पर टोल टैक्स लिया जा सकता है। पथ निर्माण विभाग के सूत्रों ने जानकारी दी है कि बिहार में उनके अधीन ऐसे पुलों की कुल संख्या 94 है। यह भी कहा गया कि नियम के मुताबिक पुलों की लंबाई के आधार पर टोल टैक्स की राशि तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार पुलों के सर्वे के दौरान एप्रोच रोड की लंबाई भी मापी जाएगी। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने’बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली’ को मंजूरी दी थी। माना जा रहा कि इसी कैबिनेट निर्णय के आलोक में अब सरकार ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इसमें एनएच की तर्ज पर स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूलने की तैयारी है। इसमेंं छोटे वाहनों के लिए टोल की दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तथा 100 किमी से ज्यादा दूरी होने पर 2, 3 और 4 रुपए प्रति किमी की दर तय की गई है। जानकारी के अनुसार सर्वे में यह भी पता किया जा रहा है कि कितने वाहन इन पुलों पर से रोज गुजरते हैं और ये कितने शहर से गुजरते हैं।
सर्वे की बाबत यह बताया गया कि बिहार सरकार के अंतर्गत आने वाली सड़कों का रख-रखाव और बेहतरीन ढंग से हो तथा नई-नई सड़कें विकसित हों, इसी मकसद से राज्य में टोल टैक्स वसूलने की नीति बनाई गई है। जहां भी टोल टैक्स के लिए केंद्र बनेगा, वहां 20 किमी के आस-पास के लोगों को इसमें राहत दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि स्टेट टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जाएगी। मालूम हो कि बिहार में 250 मीटर से ज्यादा लंबाई वाले पुलों की संख्या गया और पटना जिले में सबसे ज्यादा है। पटना में ही दो बड़े पुल कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर पुल हैं। इसी तरह गया मेंं फल्गु पुल और अन्य ऐसे कई पुल हैं।