दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को हर्ष फायरिंग मामले में 4 साल की सजा सुनाई है। करीब 8 वर्ष पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान विधायक राजू कुमार द्वारा की गई हर्ष फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई थी। इस केस की पिछली सुनवाई में विधायक ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि मरने वाली उनकी भाभी के समान थी और उन्हें सजा में नरमी वाली छूट दी जाए। हालांकि कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई है। दरअसल, राजू कुमार सिंह का 31 दिसंबर 2018 को हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ था। इसी फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई थी।
25 लाख का मुआवजा देने का आदेश
कोर्ट ने विधायक राजू सिंह को मृतक महिला के पति को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से पेश वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की थी। विधायक ने अपने वकील के जरिए कोर्ट में कहा कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज जरूर हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। वकील ने कोर्ट में कहा कि अधिकतर मामले चुनाव के दौरान राजनीतिक विरोधियों की ओर से दर्ज कराए गए थे, जबकि कई मामलों में या तो वह बरी हो चुके हैं या फिर पुलिस ने चार्जशीट ही दाखिल नहीं की।
कोर्ट में दलील दी गई कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। अगर उन्हें दो साल से अधिक की सजा होती है तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है। इसलिए अदालत उन्हें सुधार का एक अवसर दे। विधायक के वकील ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह और उनका परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति से जुड़ा रहा है। वर्ष 2009 से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। उनकी पत्नी रेनू सिंह विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं और उनके पिता करीब दस वर्षों तक गांव के मुखिया रहे थे। विधायक ने कोर्ट को बताया कि मृतक डॉ. अर्चना गुप्ता उनके परिवार के लिए भाभी जैसी थीं। घटना के समय उनकी पत्नी भी डांस फ्लोर पर मौजूद थीं। यह घटना पूरे परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी थी।