पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के प्रमुख पशुपति पारस को सांस लेने में तकलीफ के बाद पटना के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। केंद्रीय मंत्री और लोजपा रामविलास के मुखिया तथा उनके भतीजे चिराग पासवान ने बीते दिन अस्पताल पहुंचकर पशुपति पारस का कुशलक्षेम जाना। जानकारी के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अपनी निगरानी में रखा है। जैसे ही चाचा पशुपति पारस के अस्वस्थ होने की सूचना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली, वे दिल्ली से सीधा पटना पहुंचे और अस्पताल जाकर अपने चाचा का हाल-चाल जाना।
राजनीति अलग, रिश्ते अलग
अस्पताल में चाचा से मुलाकात के बाद चिराग पासवान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन पशुपति पारस उनके लिए पिता के समान हैं। चिराग ने कहा कि मैं यहां एक राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक बेटे के तौर पर अपने अभिभावक से मिलने आया हूं। परिवार में भले ही वैचारिक मतभेद रहे हों, लेकिन सेहत और पारिवारिक रिश्तों के मामले में हम एक हैं। चिराग ने डॉक्टरों से भी चाचा के समुचित इलाज को लेकर चर्चा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
चिराग ने सोशल मीडिय पर लिखा
चिराग ने अस्पताल में चाचा से मिलते हुए तस्वीर साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा—’मेरे अभिभावक और चाचा श्री पशुपति कुमार पारस जी आज सुबह से अस्वस्थ हैं। पटना में अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा समुचित इलाज हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शीघ्र स्वस्थ हों। अस्पताल में न सिर्फ अपने चाचा का चिराग ने कुशलक्षेम पूछा, बल्कि उन्हें गले से भी लगा लिया। बता दें कि चाचा—भतीजा में विवाद के बाद पार्टी दो धड़ों में टूट गई थी। पशुपति पारस को बीते दिन की सुबह सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में चाचा और भतीजे के बीच विवाद हो गया था जिसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी।