नवादा : नगर के मिर्जापुर मुहल्ले में एक चार मंजिला भवन और उससे जुड़े भूखंड को लेकर प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ जहां नगर परिषद ने आरटीआई (RTI) के तहत इस भवन के नक्शे को अवैध माना है, वहीं दूसरी तरफ सदर अंचल कार्यालय ने इस भूमि को ‘गैरमजरूआ मालिक’ बताते हुए निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर दिया है। इन दो सरकारी रिपोर्टों के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, नगर परिषद के लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा 02 अप्रैल 2024 को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत एक जवाब जारी किया गया था। इस जवाब में स्पष्ट किया गया है कि मौजा मिर्जापुर, खाता संख्या 139, प्लॉट संख्या 304 पर बने इस चार मंजिला भवन के मालिक का नाम नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बहुमंजिला इमारत के निर्माण का नक्शा नगर परिषद से पास होने का कोई भी रिकॉर्ड अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है। नगर परिषद ने साफ तौर पर कहा है कि यदि बिना नक्शा पास कराए यह निर्माण किया गया है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला सिर्फ बिना नक्शे के भवन निर्माण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जमीन के मालिकाना हक पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सदर अंचल कार्यालय द्वारा बीते 27 मई 2026 को राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एक नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस भवन निर्माण कराने वाले अरविंद कुमार उर्फ रुसुम साह एवं उनकी पत्नी अमीते मधु देवी को भेजा गया है। नोटिस के मुताबिक मौजा मिर्जापुर, थाना संख्या 360, खाता संख्या 139, खेसरा संख्या 304, रकबा 4 डीसमिल। यह सरकारी जमीन ‘गैरमजरूआ मालिक’ के रूप में दर्ज है, जिस पर अवैध रूप से गृह निर्माण किया गया है।
अंचल अधिकारी (CO) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्ष को आज, 30 मई 2026 को सुबह 11 बजे सदर अंचल कार्यालय में भूमि से जुड़े सभी वैध साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया है। प्रशासन ने नोटिस में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि संबंधित पक्ष निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद विभाग अपने स्तर से अतिक्रमण हटाने या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की दिशा में नियमानुसार आगे बढ़ेगा।
इन दोनों जिम्मेदार विभागों के दस्तावेजों ने इस वीआईपी इलाके में हो रहे निर्माण कार्यों की शुचिता और सरकारी तंत्र की सतर्कता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि आज अंचल कार्यालय में संबंधित पक्ष द्वारा क्या साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं।