बिहार में 1 जून से आम लोगों के लिए सफर करना महंगा होने जा रहा है। इसके अलावा अब सामान की ढुलाई भी महंगी हो जाएगी। पेट्रोल-डीजल और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने बस, ऑटो और व्यावसायिक वाहनों के किराये में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। बताया गया कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और गाड़ियों के मेंटेनेंस के खर्च में हो रहे इजाफे का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। इसके तहत 1 जून से पूरे बिहार में बसों, ऑटो और सभी कमर्शियल वाहनों के किराये में 10 से 15 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी होने जा रही है।
5 वर्ष बाद अब बढ़ाया जा रहा किराया
आज शनिवार को पटना में बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष उदय प्रसाद सिंह ने बताया कि मोटर मालिकों की यह मांग लंबे समय से पेंडिंग थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में ही आखिरी बार बिहार में भाड़े में वृद्धि हुई थी। तब से लेकर अब तक कई बार डीजल और पेट्रोल के रेट बढ़ चुके हैं। इसके अलावा वाहनों के स्पेयर पार्ट्स के दामों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इसी के चलते अब फेडरेशन ने किराये में इस वृद्धि का निर्णय लिया है। फेडरेशन का कहना है कि वे इस परेशानी से सरकार को काफी दिनों से अवगत करा रहे थे। लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा था। परंतु अब जाकर सरकार ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर ध्यान दिया है और किराया बढ़ाने की सहमति दे दी है।
कल पटना में तय होगा फाइनल रेट
किराये में कितनी बढ़ोतरी होगी इसका अंतिम खाका कल रविवार को होने वाली बैठक में तय किया जाएगा। फेडरेशन की तरफ से बताया गया कि रविवार को पटना में मोटर मालिकों और फेडरेशन से जुड़े तमाम लोगों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इसी बैठक में यह अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि 1 जून से भाड़े में पूरे 15% की बढ़ोतरी की जाए या फिर इसे थोड़ा कम रखा जाए। आम जनता के लिए किराये में विृद्धि की यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। नए भाड़े का सीधा असर लोगों के घर के बजट पर पड़ेगा जिससे रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों का मासिक खर्च बढ़ जाएगा। मालवाहक गाड़ियों का किराया भी बढ़ रहा है जिससे माल ढुलाई भी महंगी होगी। इससे हरी सब्जियां, फल, राशन और रोजमर्रा के जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।