वैशाली के राघोपुर नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के 24 घंटे बाद वहां पहुंचे तेजस्वी यादव को देखते ही लोग बौखला उठे और उनसे इस्तीफा देने को कह दिय। 13 बच्चों की मौत के करीब 24 घंटे बाद अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे तेजस्वी यादव को नाव हादसे के शिकार परिवार वालों का आक्रोश झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने क्षेत्र की बदहाली और देरी से पहुंचने पर सवाल उठाए और कहा कि अगर आपसे कुछ नहीं होता है तो आप इस्तीफा दे दीजिए। राघोपुर दियारा क्षेत्र में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद मातम और गुस्से का माहौल है। गंगा नदी में नाव पलटने से एक भोज में शामिल होने जा रहे 13 से अधिक लोगों की मौत हो गई जिनमें अधिकतर बच्चे शामिल थे। हादसे के करीब 24 घंटे बाद जब स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तो ग्रामीणों ने न केवल उनका तीव्र विरोध किया बल्कि अपनी पीड़ा जताते हुए क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही समस्याओं को लेकर भी विधायक से सीधे सवाल किए।

तेजस्वी यादव बीती रात राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव पहुंचे थे। लोगों ने वहां पहुंचते ही उनकी जमकर हूटिंग की और इस्तीफा दो-इस्तीफा दो के नारे लगाए। लोगों का कहना था कि जब उनके विधानसभा क्षेत्र में इतना बड़ा हादसा हुआ, तो उन्हें पीड़ित परिवारों के बीच पहले पहुंचना चाहिए था। शोक में डूबे कई ग्रामीणों ने विधायक की कार्यशैली और क्षेत्र की स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि जब इतनी बड़ी त्रासदी हो गई और पूरा इलाका अपने परिजनों के अंतिम संस्कार और शोक में डूबा था, तब उनके जनप्रतिनिधि को मौके पर पहुंचने में एक दिन का समय लग गया। लोगों ने तेजस्वी यादव से कहा कि जब आपसे कुछ हो नहीं रहा है तो विधायक पद से इस्तीफा दे दीजिए। यहां न सड़क है, न कोई सुविधा। फिर भी आप राघोपुर के विधायक बने हुए हैं।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि राघोपुर दियारा क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कई गांवों तक सड़क संपर्क नहीं है और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि इलाके में आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत व्यवस्था कितनी कमजोर है। लोगों का कहना था कि वर्षों से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। विरोध और नाराजगी के बीच तेजस्वी यादव ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने बिहार सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए और राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर कई आरोप लगाए। तेजस्वी ने कहा कि हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह विफल दिखाई दी।अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं और एम्बुलेंस में ऑक्सीजन तक की कमी थी। तेजस्वी ने यह भी कहा कि यदि SDRF और NDRF की टीमें समय पर पहुंच जातीं तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

