आरा शहर में आज सुबह हुई रिटायर्ड कस्टम अधिकारी और बिहार क्षत्रीय महासभा के अध्यक्ष रामपुकार सिंह हत्या मामले में मृतक की पत्नी और बेटे का बड़ा बयान आया है। मृतक की पत्नी और बेटे ने कहा कि आरा शहर की 14 कट्ठा जमीन के लिए उनकी हत्या कराई गई है। इसके साथ ही पत्नी और बेटे ने इस हत्या के लिए शहर के मुफस्सिल थाने के एसएचओ और सीओ को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस कांड में उनका भी हाथ है। उन्होंने स्थानीय सीओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जमीन माफियाओं से साठगांठ कर उनकी 14 कट्ठा भूमि का जाली पेपर बनाया। साथ ही मृतक के परिजनों ने लोकल थानेदार राम कल्याण यादव पर भी भूमि माफियाओं का साथ देने का आरोप लगाया।

मामले में मृतक रामपुकार सिंह के बेटे राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि आरा शहर के सिंगही मोड़ के पास स्थित 14 कट्ठा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। इस विवाद को लेकर पहले भी उनके पिता पर हमले हुए थे और पुलिस से शिकायत की गई थी। आरा के कुछ जमीन माफियाओं ने उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी थी। रामपुकार सिंह के पुत्र राजेश के मुताबिक उनके पिता ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की थी। उन्होंने दावा किया कि जमीन को लेकर पहले भी कई बार उन पर जानलेवा हमले किए गए थे। इसके बावजूद न तो पुलिस और न स्थानीय सीओ ने कोई कार्रवाई की और आज गुरुवार सुबह अपराधियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बेटे ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद के कारण ही उनके पिता को निशाना बनाया गया।
इधर मृतक रामपुकार सिंह की पत्नी ने आरोप लगाया कि आरा सदर अंचल के सीओ ने भूमि माफियाओं से साठगांठ कर उनकी 14 कट्ठा जमीन का जाली पेपर बनाया। उन्होंने कहा कि चार लोगों ने मिलकर उनकी जमीन का जाली पेपर सीओ से बनवा लिया और फिर उनकी 14 कठ्ठा जमीन की चहारदीवारी तोड़ दी। इसकी शिकायत सीओ आफिस और पुलिस से की गई। आरा मुफस्सिल थाने के थानेदार राम कल्याण यादव भी उन चारो जमीन माफियाओं से मिल गए और इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद आज सुबह—सुबह रामपुकार सिंह की हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस को उन चार लोगों के नाम भी बताए थे परंतु उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। फिलहाल मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया जिसने तकनीकी साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी के जरिये हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।
