तेज प्रताप यादव ने सीएम सम्राट चौधरी द्वारा हवाई जहाज से बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे करने पर तगड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘पुष्पक विमान’ छोड़कर नाव पर बैठने और बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथ से राशन बांटने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कल सोमवार के बाद आज मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन बिहार के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और समीक्षा बैठकें कीं। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर सम्राट चौधरी के एरियल सर्वे की तुलना रावण के पुष्पक विमान से कर डाली और कहा कि हवा में उड़ने के बजाय मुख्यमंत्री को जमीन पर आना चाहिए।

दरअसल, आजकल गंगा नदी पूरी उफान पर है। इससे मनेर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। साथ ही नवगछिया में तटबंध टूटने से वहां विकट स्थिति बन गई है। इन्हीं हालात में कल सोमवार को मुख्यमंत्री ने भागलपुर के राघोपुर, नवगछिया, बेगूसराय और बख्तियारपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इसके बाद भागलपुर हवाई अड्डे पर अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने और त्वरित मरम्मत कार्य के निर्देश दिए।
इसी क्रम में आज मंगलवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और मुख्यालय आकर अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इधर मुख्यमंत्री के इसी हवाई सर्वेक्षण पर तंज कसते हुए तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि—’मुख्यमंत्री जी, आपसे हमको यही कहना है कि आप जिस तरीके से अपना पुष्पक विमान लेकर बाढ़ प्रभावित एरिया में घूम रहे हैं, उससे ज्यादा बेहतर होता कि आप नाव में बैठ कर अपने हाथ से राशन बांटते। लेकिन वो तो आप करिएगा नहीं, क्योंकि जिस तरीके से जब से आप मुख्यमंत्री बने हैं, तब से लेके अभी तक आप जो करनामा दिखाए हैं अपना पूरे बिहार में, जो जलवा बिखेरने का आप काम किए हैं, उससे जनता परेशान है’।
