Patna : बिहार के परिवहन विभाग में प्रमोशन पाने के बावजूद अधिकारियों को पदस्थापना न मिलने का मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। विभाग द्वारा 17 अधिकारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) व समकक्ष पद पर प्रोन्नत तो कर दिया गया, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें नई पोस्टिंग नहीं दी गई। विवश होकर विभाग के दो अधिकारियों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 22 सितंबर 2026 तय की है।

जानकारी के अनुसार विभाग के द्वारा 6 अप्रैल 2026 को 17 अफसरों (12 ADTO और 5 MVI) को DTO व समकक्ष पद पर पदोन्नति दी गई थी। वहीँ, पूर्व के 2 अधिकारियों को मिलाकर विभाग के पास कुल 19 विभागीय DTO स्तर के अफसर हैं। 19 में से 18 विभागीय अधिकारी या तो ‘वेटिंग फॉर पोस्टिंग’ हैं या फिर अपने पुराने पद पर ही काम करने को मजबूर हैं। प्रमोशन के बावजूद नई पोस्टिंग न मिलने और निचले पद पर काम करने की मजबूरी ने विभागीय अधिकारियों के बीच असंतोष को बढ़ा दिया है।
इसी को लेकर संतोष कुमार सिंह और दिव्य प्रकाश ने कोर्ट में याचिका दायर कराया था। दायर याचिका (Case No-12859) पर 24 अगस्त को सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जवाबी हलफनामे के लिए समय मांगने के बाद सुनवाई टाल दी गई। 29 जनवरी 2020 को जारी कैडर अधिसूचना के अनुसार BAS के लिए आरक्षित 17 पदों को छोड़कर शेष पदों पर पर्याप्त संख्या में विभागीय अधिकारी मिलने पर उन्हीं की तैनाती की जानी थी। विभागीय अधिकारियों की पर्याप्त संख्या के बावजूद वर्तमान में सूबे के 38 में से 37 जिलों में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी DTO पद पर तैनात या अतिरिक्त प्रभार में हैं, जबकि विभागीय कैडर का केवल एक DTO पदस्थापित है।
दरअसल, परिवहन विभाग द्वारा 29 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी कर परिवहन कैडर का गठन किया गया। उसके बाद विभाग के द्वारा तत्कालीन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में जिला परिवहन पदाधिकारी के 17 पद, उप परिवहन आयुक्त का 1 पद एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त का 2 पद पूर्व की तरह बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए रिजर्व रहेगा। परिववहन विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए चिन्हित पदों को छोड़कर शेष पदों पर भी तब तक इस संवर्ग (बिप्रसे) के पदाधिकारियों से भरा जायेगा जब तक कि नियुक्ति या प्रोन्नति से परिवहन सेवा के अधिकारी पर्याप्त संख्या में न हो जाएं।

