बिहार में अब स्टेट हाईवे (SH), बड़े पुलों और बाइपास पर भी अब NH की तर्ज पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है। इसी के तहत अब राज्य सरकार की सड़कों पर चलने के लिए वाहन चालकों को टोल टैक्स देना होगा। नई नियमावली के मुताबिक कार, जीप या वैन जैसे हल्के निजी वाहनों के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है। अगर आप स्टेट हाईवे पर कार से 100 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं तो आपको 125 रुपये टोल टैक्स चुकाना होगा। 100 किमी से 200 के बीच 2 रुपए और 200 से 300 किमी के लिए सवा 4 रुपए प्रति किमी की दर से टोल देना होगा। इस प्रकार पटना से भागलपुर लगभग 240 किमी कार से जाने पर करीब ₹300 टोल टैक्स लगेगा। वहीं पटना से दरभंगा लगभग 150 किमी के लिए लगभग ₹190 से ₹200 चुकाने होंगे। वहीं पटना से गया लगभग 100 किमी के रूट पर यात्रा करने के लिए ₹125 का टैक्स देना होगा। जबकि पटना से मुजफ्फरपुर लगभग 75 किमी के सफर के लिए करीब ₹94 का भुगतान करना होगा।
कमर्शियल और भारी वाहनों के लिए तय दरें
बताया गया कि छोटे व्यावसायिक वाहनों के लिए यह दर 2 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। वहीं दो एक्सेल वाले बस और ट्रक के लिए 4.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टोल वसूला जाएगा। बड़े निर्माण वाहनों और सात एक्सेल वाले बेहद भारी वाहनों के लिए यह दर 6.65 रुपये से लेकर 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक रखी गई है। स्टेट हाईवे की सड़कों पर टोल टैक्स की यह वसूली पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए फास्टैग और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। इस नियमावली में यह भी प्रावधान किया गया है कि सड़कों की स्थिति और महंगाई के आधार पर हर साल टोल टैक्स की इन दरों में बढ़ोतरी की जाएगी।