कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की एक पत्थर की खदान में आज गुरुवार को हुए हादसे में बिहार निवासी 7 मजदूरों की मौत हो जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार एक बड़ी चट्टान वहां काम कर रहे मजदूरों के ऊपर जा गिरी। इस वजह से वहां काम कर रहे करीब 18 मजदूर दब गए। मलबे के नीचे दबे सात मजदूरों की तत्काल मौत हो गई, जबकि कुछ अभी भी मलबे में दबे हैं। ये सभी मजदूर कावेरी कंपनी की खदान में काम करते समय बड़ी चट्टान की चपेट में आ गए। पुलिस ने बताया कि घटना आज सुबह तड़के बेंगलुरु साउथ तालुक के मदापट्टाना स्थित एक पत्थर खदान में हुई। मृतक सभी दिहाड़ी मजदूर थे और वे एक पत्थर क्रशर स्थल पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ये श्रमिक गिरी हुई चट्टान के नीचे फंस गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना उस समय हुई जब मजदूर खदान के संचालन कार्य में लगे थे। हादसे की सूचना मिलते ही बचाव कर्मी और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में कई श्रमिकों के घायल होने का संकेत मिला है। घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी बाकी है। मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। एक श्रमिक ने बताया कि दुर्घटना के समय घटनास्थल पर करीब 18 मजदूर मौजूद थे। करीब 40 फीट की ऊंचाई से एक बड़ी चट्टान अचानक मजदूरों पर गिर गई।
इधर पुलिस ने बताया कि सभी मृतक बिहार के मूल निवासी थे। चट्टान गिरने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिये गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि खदान में सुरक्षा मानदंडों का कोई उल्लंघन या लापरवाही तो नहीं हुई थी। बताया जाता है कि खदान के ऊपरी हिस्से में एक्सकेवेटर से खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान एक बड़ी चट्टान खिसककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरी। घटना की सूचना मिलते ही तवारेकेरे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रात और बचाव कार्य शुरू किया। वरिष्ठ अधिकारी इस रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। घटना बेंगलुरु के बाहरी इलाके में तवारेकेरे पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले मडापट्टना गांव की है।