एनकाउंटर में मारे जाने से पहले, भरत भूषण तिवारी की एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिहार की सियासत में सनसनी मच गई है। पोस्ट में उन्होंने संकेतों में एसडीएम पर अपनी रेकी कराने का आरोप लगाया है। एनकाउंटर से पहले फेसबुक पर की गई इस पोस्ट में उन्होंने संकेतों में एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले कुछ लोगों को उनकी रेकी के लिए भेजा गया था। उनका आरोप था कि वे लोग कमर में पिस्टल लगाए हुए थे और उनमें मुख्य रूप से छोटू छपरी उर्फ बोका समेत अन्य लोग शामिल थे। सोशल मीडिया पर भरत तिवारी के इस पोस्ट को एसडीएम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि होना बाकी है और इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भरत तिवारी का पोस्ट वायरल
इस वायरल पोस्ट में भरत तिवारी रेकी करने आए लोगों को व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी प्रेमिका बताते हैं। इसके साथ उन्होंने अपने पोस्ट में—’आ कहीं दूर चले जाए हम…’ गीत भी साझा किया। भरत तिवारी के इस वायरल पोस्ट पर लोग तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं। इधर भरत भूषण तिवारी के पिता काशी तिवारी ने अपने बेटे की मौत को लेकर बालू माफिया से इसके तार जुड़े होने का आरोप लगाते हुए भोजपुर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। काशी तिवारी का आरोप है कि जब भोजपुर के एसपी उनके परिवार से मिलने घर आए थे, तब उनके साथ कथित तौर पर एक बालू कारोबारी भी मौजूद था। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में भोजपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
SDM पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने कहा कि वर्तमान भोजपुर एसपी के रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है और सरकार को उनका तबादला करना चाहिए। भरत तिवारी के पिता काशी तिवारी ने यह भी कहा कि घटना से जुड़े कई तथ्य प्रत्यक्ष रूप से सामने हैं, लेकिन उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक मामले की जांच को लेकर आशंकाएं बनी रहेंगी, क्योंकि जांच की जिम्मेदारी भी पुलिस के ही पास है। वहीं भरत तिवारी की मां ने सरकार के गृह विभाग द्वारा जगदीशपुर के पूर्व डीएसपी राजेश शर्मा को फिर से पोस्टिंग देने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में राजेश शर्मा पर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद उन्हें जगदीशपुर से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। हालांकि, एक दिन बाद ही उन्हें नई जिम्मेदारी दिए जाने पर भरत तिवारी की मां ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि—’मेरे बेटे के कथित हत्यारे डीएसपी को इनाम क्यों दिया गया?”