नवादा : राज्य बार कौंसिल द्वारा नियुक्त जिला अधिवक्ता तदर्थ कमिटी ने अधिवक्ताओं का विश्वास खो दिया है। पहले बगैर आम सहमति से एकल चुनाव पदाधिकारी की नियुक्ति कर दी। अधिवक्ताओं ने राज्य बार कौंसिल में मामला उठाया तो नियुक्ति रद्द कर दी। राज्य पर्यवेक्षक के देखरेख में आमसभा में चार सदस्यीय चुनाव समिति का गठन किया जाना है। अभी तिथि तय नहीं हुई है। बावजूद तदर्थ कमिटी द्वारा ई फाइलिंग करने पर अधिवक्ताओ की आम सभा बुलाया, लेकिन अधिवक्ताओं ने तदर्थ कमिटी के द्वारा लगातार किये जा रहे ड्रामे से खिन्न अधिवक्ताओं ने आम सभा में जाना मुनासिब नहीं समझा।
ऐसे में बार बार बुलाये जाने के बावजूद आम सभा में मात्र दस वकीलों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिवक्ताओं का कहना है कि आम सभा बुलाकर कार्यवाही पुस्तिका में अनाप शनाप लिख देता है। अधिकाश अधिवक्ताओं ने तदर्थ कमिटी द्वारा बुलाये गए आम सभा का बहिष्कार किया। बाद में लगायी गयी कुर्सियां हटाने पर तदर्थ कमिटी को विवश होना पड़ा। अधिवक्ताओं का मानना है कि जब बार कौंसिल द्वारा निर्धारित तिथि पर बैठक बुलाया जाना है तब फिर तदर्थ कमिटी द्वारा बैठक बुलाये जाने का कोई औचित्य नहीं है।
भईया जी की रिपोर्ट