Gaya : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को गया पहुंचे मांझी ने बंगाल में ‘स्ट्रांग रूम’ को लेकर ममता बनर्जी द्वारा किए जा रहे हंगामे को उनकी हताशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि वे एक अनुभवी नेता हैं, उन्हें अब इस बात का एहसास हो गया है कि वे चुनाव हार रही हैं, इसीलिए वे भाजपा को बदनाम करने के लिए अनर्गल आरोप लगा रही हैं।
जीतन राम मांझी ने कहा कि राजनीति में यह अनुभव रहा है कि जब भी किसी सरकार के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश होता है, तो मतदान का प्रतिशत काफी बढ़ जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि बंगाल में 92-93% तक मतदान हुआ है। ममता बनर्जी को अब डर सता रहा है कि यह भारी मतदान उनके खिलाफ गया है और वो हार रही हैं। इसी कारण से हार को स्वीकार करने के बजाय वे चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल उठा रही हैं।
वहीँ, उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि आयोग की जिम्मेदारी केवल वोट डलवाना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया का पारदर्शी प्रबंधन करना है। विदेश या बाहर रहने वाले लोग भी जब बैलेट के जरिए मतदान करते हैं, तो उसकी सुरक्षित हैंडलिंग की जाती है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मौजूद रहने के लिए आमंत्रित किया जाता है। बीजेपी के प्रतिनिधि हमेशा प्रक्रिया का हिस्सा रहे, लेकिन विपक्ष अब हार सुनिश्चित देख हंगामा कर रहा है ताकि जनता में भ्रम फैलाया जा सके।
मांझी ने दावा किया कि ममता बनर्जी अब तक बाहरी मतदाताओं के बल पर चुनाव जीतती आई थीं, लेकिन इस बार स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि SIR से फर्जी नाम कटने के बाद ममता बनर्जी का आत्मविश्वास डगमगा गया है। ममता जी समझ चुकी हैं कि जनता उनसे ऊब चुकी है। अब जब नतीजे उनके खिलाफ आने वाले हैं, तो वे अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग और भाजपा पर फोड़ने के लिए पहले से ही जमीन तैयार कर रही हैं।