नवादा : जिला पदाधिकारी, श्री रवि प्रकाश के निर्देशानुसार जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC), बुधौल में ‘सोलर लोन मेला’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी स्वयं उपस्थित होकर मेले का निरीक्षण किया तथा विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी ने मेले में उपस्थित वेंडर्स एवं आम नागरिकों से सोलर लोन से संबंधित फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने लाभुकों से योजना की प्रक्रिया, बैंकिंग सुविधा, तकनीकी सहयोग एवं आवेदन में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
मेले में प्रमुख बैंकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बिहार दक्षिण ग्रामीण बैंक, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक सहित अन्य बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैंक अधिकारियों द्वारा मौके पर ही आवेदनों की जांच कर आवश्यक त्रुटियों का सुधार किया गया एवं ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को गति दी गई। जिला पदाधिकारी ने मेले में लगाए गए 03 किलोवाट के सोलर प्लांट का भी निरीक्षण किया तथा उसके कार्य-प्रणाली, लागत एवं लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने उपस्थित नागरिकों एवं वेंडर्स से अपील की कि वे सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल अपने बिजली खर्च में कमी लाएं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दें। कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल अनिल कुमार भारती ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इस मेले का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में लंबित एवं तकनीकी कारणों से रद्द किए गए ऋण आवेदनों में सुधार कर उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मेले में बड़ी संख्या में इच्छुक उपभोक्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित लाभुकों को सोलर प्लांट स्थापना, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सौर ऊर्जा प्रणाली के लाभ एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा सोलर संयंत्र स्थापना हेतु सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक पर ₹78,000 की सहायता दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सौर संयंत्र की लागत 3 से 4 वर्षों में वसूल हो जाती है तथा इसके पश्चात लगभग 25 वर्षों तक उपभोक्ताओं को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा का लाभ प्राप्त होता है।
जिला पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक योग्य लाभुकों को योजना से जोड़ा जाए तथा लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ें। इस अवसर पर गोपनीय शाखा प्रभारी के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।
भईया जी की रिपोर्ट