-”ज्ञान भारतम’ मिशन के तहत पांडुलिपियों का होगा डिजीटलीकरण
नवादा : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘ज्ञान भारतम’ मिशन के अंतर्गत जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों के संकलन एवं उनके डिजिटलीकरण का विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सुश्री प्रतिभा कुमारी ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े अथवा पुराने कागज़ों पर लिखी पांडुलिपियों में प्राचीन ज्ञान, साहित्य, आयुर्वेद, खगोल विज्ञान एवं स्थानीय इतिहास का महत्वपूर्ण भंडार निहित है, जो समय के साथ नष्ट होने के कगार पर है।
इस मिशन के माध्यम से इन अमूल्य धरोहरों को आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले के पुराने पुस्तकालयों एवं संग्रहालयों, विभिन्न धार्मिक स्थलों—जैसे दिगंबर जैन मंदिर, बुधौली मठ एवं मस्जिदों—तथा ऐतिहासिक परिवारों के निजी अभिलेखागारों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान की जाएगी। साथ ही, हिंदी एवं भोजपुरी के लेखकों, धार्मिक नेताओं, न्यास समितियों एवं स्थानीय समुदायों के सहयोग से इस अभियान को गति दी जाएगी।
पंचायत स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राचीन दस्तावेज़ों की जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके अतिरिक्त “ज्ञान भारतम्” ऐप के माध्यम से आम नागरिक भी इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास या जानकारी में 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी कोई पांडुलिपि उपलब्ध हो, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को अवश्य दें, ताकि उसे सुरक्षित कर भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के पास ही सुरक्षित रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा केवल उनका वैज्ञानिक विधि से डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी का हिस्सा बनाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा अपने पास उपलब्ध या जानकारी में आने वाली प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी अथवा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं।
भईया जी की रिपोर्ट