बॉलीवुड के दिग्गज ऐक्टर नाना पाटेकर का आज गुरुवार की सुबह गोवा में निधन हो गया। वे किसी निजी काम के सिलसिले में गोवा गए हुए थे। वहां आज सुबह 5:20 बजे उन्हें ज़बरदस्त हार्ट अटैक आया जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लगातार करीब 45 मिनटों तक सीपीआर दिया। परंतु नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका। दरअसल, पणजी के पास डोना पाउला स्थित नाना पाटेकर का अपार्टमेंट में अपना घर है, जहां वे ठहरे हुए थे। डॉक्टरों ने बताया कि 45 मिनट तक सीपीआर दिए जाने के बावजूद पाटेकर होश में नहीं आए। नाना के निधन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि ‘मेडिको-लीगल’ मामला दर्ज किया गया है और शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

इधर, नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने शोक जताया है। राष्ट्रपति ने एक्स हैंडल पर कहा, ‘दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है। अपनी दमदार और दिल को छू लेने वाली अदाकारी से उन्होंने इंसानी अनुभवों की एक विस्तृत श्रृंखला को जीवंत किया। वहीं पीएम मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताते हुए उनके अभिनय के अंदाज़,अलग-अलग तरह के किरदार निभाने की क्षमता और हिंदी व मराठी सिनेमा में उनके योगदान की तारीफ़ की। पीएम मोदी अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “बहुत कम अभिनेताओं में वह ज़बरदस्त अंदाज़, अनोखापन और दमदार मौजूदगी थी जो नाना पाटेकर जी में थी। उन्होंने हर किरदार में कमाल की विविधता और रचनात्मकता दिखाई और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनकी बेबाक और साफ़-गोई वाली राय के लिए भी पसंद किया जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।
इसबीच खबर है कि गोवा में जहां उनका निधन हुआ, वहां उनके परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बताया गया है कि उनका परिवार निधन की खबर मिलते ही गोवा के लिए रवाना हो गया है। नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शुमार रहे जिन्होंने गंभीर, दमदार और अलग तरह के किरदारों से अपनी पहचान बनाई। ‘उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री समेत कई बड़े सम्मान मिले हैं। नाना का इलाज करने वाले डॉक्टर के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को मैसेज कर तबीयत ठीक न होने की जानकारी दी थी। रात होने के कारण दोस्त वह मैसेज तुरंत देख नहीं पाया, लेकिन बाद में उसने फोन किया और करीब 4 बजे उनके घर पहुंचा। वे पसीने से तरबतर और अचेत अवस्था में थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। चूंकि उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल लाने से पहले मृत) घोषित किया गया था, इसलिए इस मामले में एमएलसी दर्ज की गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
