बिहार में MLC चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने जदयू नेताओं को जीत का मंत्र दिया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि बिहार के लोगों ने पिछले दो दशकों में बिहार को बदलते देखा है। हमलोगों का काम ही हमारी पूंजी है। लोगों के बीच पूरे विश्वास के साथ जाएं और उनके सुख-दुख के साथी बनें। उन्होंने कहा कि सभी 8 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए एनडीए के सभी घटक दल और नेता साथ मिलकर अभियान चलाएं और प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करें। परंतु नीतीश के इस विजयी फार्मूले के बीच उनकी ही पार्टी के विधायक और मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह ने फिर बागी रुख दिखाते हुए अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करने की अडिक मंशा दिखा दी है। यही नहीं, अनंत सिंह ने नामांकन वाले दिन जनसुराज पार्टी के कैंडिडेट के समर्थन में मिठाई बांटने के लिए 50 हजार रसगुल्ले बनवाने का ऐलान कर दिया है।
नीतीश कुमार के सामने आने के बाद भी अनंत सिंह के बागी तेवर से बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। JDU विधायक अनंत सिंह ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर मानने वाले नहीं हैं और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करेंगे। उन्होंने अनुज के नोमिनेशन के लिए 50 हजार रसगुल्ले तैयार करवाने की व्यवस्था भी बना रखी है। जन सुराज कैंडिडेट अनुज सिंह आज 1 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन में पहुंचने वाले समर्थकों और आम लोगों के बीच ये रसगुल्ले बांटे जाएंगे। मालूम हो कि इस चुनाव में पटना स्नातक सीट से JDU ने मौजूदा MLC नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन करने से जदयू के लिए काफी असहज स्थिति हो गई है।
पटना स्नातक सीट से JDU ने मौजूदा MLC नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह खुलकर अनुज सिंह के समर्थन में हैं। इस वजह से पटना स्नातक सीट पर जदयू के लिए मुकाबला टफ होने की बात कही जा रही है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच काफी समय से राजनीतिक मतभेद हैं। दोनों के बीच विवाद तब और खुलकर सामने आया, जब अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान किया। JDU के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों नेताओं के बीच सुलह की कोशिश भी की, लेकिन मतभेद खत्म नहीं हुए। यहां तक की इस काम की कमान खुद पार्टी के सर्वेसर्वा नीतीश कुमार ने अपने हाथ मे लेते हुए सुलह की कोशिश की। परंतु अब भी अनंत झुकने को तैयार नहीं हैं।