पीएम मोदी और एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेताओं तथा एनडीए शासन वाले सभी सीएम की मौजूदगी के बीच आज शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड ने उन्होंने सीएम पद की शपथ ली। उनके अलावा 5 मंत्रियों को भी राज्यपाल आरएन रवि ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेने वालों में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु, निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। शुभेंदु के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह समेत तमाम बड़े बीजेपी नेता शामिल हुए। शुभेंदु जब सीएम पद की शपथ ले रहे थे, उस समय मंच पर एनडीए शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे। बीजेपी ने इस शपथ ग्रहण के लिए 9 मई गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती का खास दिन चुना।
शपथ से पहले मोदी और शुभेंदु का रोड शो
बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी की टीएमसी को 207 सीटें जीतकर हरा दिया और पहली बार राज्य में भाजपा सरकार का गठन किया है। टीएमसी को सिर्फ 80 सीटें ही मिल सकीं हैं। शुभेंदु अधिकारी के शपथग्रहण समारोह की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने बंगाल के नए सीएम के साथ लंबा रोड शो किया। इस दौरान भारी भीड़ का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी के साथ गाड़ी में शुभेंदु और बंगाल बीजेपी के चीफ समिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने इसके बाद मंच पर रबींद्रनाथ टैगौर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सबसे खास बात यह रही कि पश्चिम बंगाल के नए सीएम को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ से पहले भगवा पट्टा पहनाया। ये तस्वीर भी खूब वायरल हो रही है।
शुभेंदु के साथ किस-किस ने ली शपथ?
शुभेंदु अधिकारी ने तय समय पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें राज्यपाल टी रवि ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरकिनिराय, निशिथ प्रमाणिक और खुदीराम टुडू ने शपथ ली। इनमें एक महिला, एक मतुआ समुदाय से, एक राजबंशी, एक आदिवासी और एक ओबीसी समाज से मंत्री बनाए गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ब्राह्मण हैं, दिलीप घोष ओबीसी समाज से आते हैं, अग्निमित्रा पॉल कायस्त समाज, अशोक किरतनिया मतुआ समुदाय, खुदीराम टुडु आदिवासी समुदाय और निशीथ प्रमाणिक राजबंशी समुदाय से आते हैं। आज के शपथ में एक और खास बात देखने को यह मिली कि विपक्षी टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी अभी तक इस हार को पचा नहीं पाईं है और वे आज के शपथ समारोह में निमंत्रण के बाद भी नहीं पहुंची।