बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सम्राट चौधरी की सरकार ने आज मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों का DA 2 प्रतिशत बढ़ा दिया। ये बड़ा फैसला मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सम्राट कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया। आज की कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते यानी DA को बढ़ाने का फैसला लिया गया। सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों का DA अब 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलेगा। इसके साथ ही कैबिनेट मीटिंग में 19 अन्य एजेंडों पर भी मुहर लगाया गया।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया। वहीं पांचवें वेतनमान वाले कर्मियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा। बैठक में पांच संवेदनशील जिलों में नए ग्रामीण एसपी पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई। पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में ग्रामीण एसपी की नियुक्ति होगी। सरकार का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आज की कैबिनेट बैठक में राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए। वैशाली जिले में 400 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। वहीं पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट लगाने के लिए करीब 97 करोड़ रुपये के निजी निवेश को मंजूरी मिली है। इस परियोजना से लगभग 170 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना’ में संशोधन कर MSME विकास योजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा BIADA क्षेत्रों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर यानी CFC को भी बढ़ावा दिया जाएगा।