बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 12 आर्केस्ट्रा समूहों पर एकसाथ छापेमारी कर 44 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। ये सभी नाबालिग लड़कियां पश्चिम बंगाल और असम समेत 6 दूसरे राज्यों से मानव तस्करी कर लाई गईं हैं। इन्हें भोजपुरी फिल्मों में हीरोइन बनाने का झांसा देकर बहकाया गया और फिर यौन शोषण और अश्लील डांस के दलदल में धकेला गया था। पुलिस ने इस मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। गोपालगंज एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 44 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस दौरान मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भोजपुरी फिल्मों में हीरोइन बनाने का झांसा
छापेमारी में बरामद लड़कियों ने बताया कि उनसे भोजपुरी गीतों पर अश्लील नृत्य कराया जाता था। कई लड़कियों ने काउंसलिंग के दौरान जानकारी दी कि उन्हें बेहतर जिंदगी, भोजपुरी फिल्मों में काम और रुपए का लालच देकर इस धंधे में धकेला गया। कुछ बच्चियों ने यह भी बताया कि कथित प्रेमियों ने उन्हें शादी के जाल में फंसाया और फिर मानव तस्करों के हवाले बेच दिया। पुलिस की यह छापेमारी कुचायकोट थाना क्षेत्र के 12 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, मुक्त कराई गई बच्चियों की उम्र महज 10 से 17 साल के बीच है। इन मासूमों को पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से तस्करी कर यहां लाया गया था। आरोप है कि इन्हें शादी समारोहों में घंटों अश्लील भोजपुरी गानों पर नाचने के लिए मजबूर किया जाता था।
इन 12 आर्केस्ट्रा समूहों पर हुई कार्रवाई
गोपालगंज पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान जीत आर्केस्ट्रा से 6 लड़कियों को मुक्त कराते हुए संचालक जीत कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप स्थित रंजना आर्केस्ट्रा पर धावा बोलकर पुलिस ने वहां से 5 लड़कियों को रेस्क्यू किया। इसके बाद भठवा ओवरब्रिज के पास संचालित सना आर्केस्ट्रा से 4 और साईं मंदिर के निकट आशिष मुस्कान आर्केस्ट्रा से 5 लड़कियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया। इस व्यापक सर्च ऑपरेशन के दौरान निभा आर्केस्ट्रा, सरगम इवेंट, दिल्ली इवेंट, मुस्कान आर्केस्ट्रा, स्टार म्यूजिकल ग्रुप, सपना, नेहा और मनोज आर्केस्ट्रा जैसे समूहों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर देने का दावा किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इन लड़कियों को भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने, बेहतर जिंदगी और अच्छे पैसों का लालच देकर इस दलदल में लाया गया था। समारोहों में डांस कराने के अलावा, इन बच्चियों का लगातार यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न भी किया जाता था।