JDU के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बयान पर अब पार्टी का भी रिएक्शन आ गया है। अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के लिए 2004 में 9 हत्याओं वाला बयान दिया था और फिर उसके बाद अपनी सफाई भी दी थी। अब अनंत सिंह के 9 मर्डर वाले बयान पर JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि उनका बयान पार्टी के संज्ञान में है। उन्होंने जो कहा उसपर बाद में सफाई भी दी। सब कुछ पार्टी की प्रदेश ईकाई के संज्ञान में है और सब कुछ ध्यान में है। पार्टी समय आने पर उचित कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही संजय झा ने विधान परिषद चुनाव को लेकर कहा कि हमारी पार्टी और हमारे गठबंधन के सभी कैंडिडेट चुनाव जीतेंगे। हालांकि संजय झा ने खुलकर अनंत सिंह पर पार्टी द्वारा एक्शन लेने की बात तो नहीं कही, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि समय आने पर सब ठीक कर लिया जाएगा।

अनंत सिंह ने मीडिया को इंटरव्यू में क्या कहा था
दरअसल, मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीतीश कुमार और जेडीयू के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश में एक न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कह दिया था कि जदयू के लिए उनसे ज्यादा बलिदान किसने दिया है। इसके बाद अनंत ने कहा कि जब नीतीश कुमार कुछ भी नहीं थे, यहां-वहां घूमा करते थे…उस दौर में उन्होंने नीतीश कुमार के साथ रहते हुए अपने नौ आदमियों की हत्या झेली थी। हालांकि बाद में अनंत सिंह अपने इस बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं समझा गया और नौ हत्याओं वाले बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने साफ किया कि नीतीश कुमार के साथ रहकर 9 मर्डर करने की खबर गलत है। अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ और कहा था, जिसे अलग तरीके से पेश किया गया।
JDU प्रवक्ता ने खरिज किया अनंत का बयान
अनंत का बयान मीडिया में सामने आने के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक जीवन और उनकी साफ-सुथरी छवि का हवाला दिया। जदयू प्रवक्ता ने अनंत सिंह के बयान को खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नीतीश कुमार के 50 साल का लंबा राजनीतिक सफर रहा है। भारत की राजनीति में ऐसे नेता विरले होते हैं, जिन पर कोई दाग नहीं लगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के अपराधियों के साथ सांठ-गांठ की बात कभी सामने नहीं आई और हिंसा की बात तो छोड़ ही दीजिए। नीतीश कुमार ने नकारात्मक राजनीति को कभी प्रश्रय नहीं दिया। ऐसे में अनंत सिंह का बयान सूरज को दाग लगाने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।
