बिहार में विधान परिषद् की स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनावी गरमागरमी के बीच जदयू विधायक अनंत सिंह की बिगड़ी चाल को संभालने के लिए पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर बड़ा दांव खेल दिया। इस मुलाकात का असर भी दिखा और अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद पद जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह का बड़ा बयान सामने आया। दिल्ली जाते समय पटना एयरपोर्ट पर ललन सिंह ने इस पूरे विवाद का बैकग्राउंड बताया और अनंत सिंह की शिकायतों का भी जिक्र किया। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे मामले में पार्टी से चूक हुई है। अगर पार्टी में किसी के खिलाफ कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया भी होगी। हालांकि ललन सिंह ने इतना जरूर कहा कि उन्होंने अनंत सिंह से पार्टी विरोधी कोई बयान नहीं देने का आग्रह किया है और उन्होंने इसके लिए उन्हें भरोसा भी दिया है।
दरअसल, जेडीयू में अनंत सिंह और पार्टी के विधान परिषद उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच का विवाद अब सिर्फ दो नेताओं की आपसी नाराजगी तक सीमित नहीं रह गया है। अब इस प्रकरण में सीधे पूर्व सीएम नीतीश ने दखल देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर मामला संभालने का टास्क दिया। इस मुलाकात के बाद ललन सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि इन दोनों ही नेताओं के बीच राजनीतिक दुश्मनी के पीछे की एक बड़ी पृष्ठभूमि भी है। ललन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए यह साफ-साफ बताया कि पार्टी के भीतर अनंत सिंह की नाराजगी को लेकर पहले भी बातचीत हुई थी और उनकी कुछ शिकायतें पार्टी नेतृत्व के सामने रखी गई थीं। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी उनसे इस मामले में बात की थी। इसके बाद उन्होंने खुद अनंत सिंह से भी बातचीत की। ललन सिंह के मुताबिक अनंत सिंह के अपने कुछ मुद्दे और शिकायतें हैं, जिन्हें उन्होंने बातचीत के दौरान सामने रखा। ललन सिंह ने बताया कि अनंत सिंह ने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार पर संकट आया था, तब जेडीयू के कई नेताओं ने उनसे मदद मांगी थी और उन्होंने सरकार की मदद की थी। ललन सिंह ने अनंत सिंह के हवाले से कहा कि उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि वह नीतीश कुमार का सम्मान करते थे।
ललन सिंह ने इसके बाद बताया कि जब अनंत सिंह नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे, तब नीतीश कुमार ने उनसे मोकामा से चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। इस बातचीत के गवाह संजय झा भी थे। अनंत सिंह ने चुनाव लड़ा, लेकिन उसके बाद उनके मुताबिक उनके खिलाफ कई तरह की बातें और दुष्प्रचार शुरू हुए। इसी संदर्भ में ललन सिंह ने अनंत सिंह की बात को सामने रखते हुए कहा कि अगर किसी तरफ से क्रिया होगी तो उसकी प्रतिक्रिया भी होगी। ललन सिंह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अनंत सिंह के केस में पार्टी की भूमिका भी निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने कहा कि जब अनंत सिंह के खिलाफ इस तरह की बातें हो रही थीं, तब पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन उस समय ऐसा नहीं हुआ। ललन सिंह ने इसे पार्टी की चूक बताया। यानी मौजूदा विवाद की जड़ को सिर्फ अनंत सिंह के विरोध में देखने के बजाय ललन सिंह ने इसके पीछे जमा होती रही नाराजगी की ओर भी इशारा किया है। ललन सिंह ने बताया कि जेडीयू की एक बैठक में अनंत सिंह और पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार दोनों मौजूद थे। उस बैठक में भी अनंत सिंह ने अपनी शिकायतें विस्तार से रखी थीं। अनंत सिंह ने यह भी बताया था कि चुनाव में उन्हें हराने के लिए किस तरह का षडयंत्र किया गया। उन्होंने पार्टी के सामने साफ तौर पर कहा था कि उनके साथ क्या-क्या किया गया। इसी नाराजगी को जाहिर करते हुए अनंत सिंह ने कहा था कि जिस व्यक्ति ने उनके लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए वह कैसे वोट मांग सकते हैं।