संठा : सावन मास के अंतिम मंगलवार के अवसर पर प्रसिद्ध महावीरी मंदिर में आज श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विशेष महावीरी पूजा को लेकर मंदिर परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है और सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
मंदिर परिसर में लहराएंगे 1000 महावीरी ध्वज
स्थानीय परंपरा और मान्यता के अनुसार, संठा स्थित इस मंदिर में सावन के अंतिम मंगलवार या शनिवार को विशेष महावीरी पूजा का आयोजन किया जाता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर में करीब एक हजार ध्वज (झंडे) लगाए जाते हैं। मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त अपनी कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने के लिए यहां ध्वज अर्पित करते हैं।
सैकड़ों मन रोट, लड्डू और खीर का लगेगा भोग
महावीरी पूजा के दौरान भगवान हनुमान जी को प्रसाद के रूप में सैकड़ों मन रोट, लड्डू और खीर का भोग चढ़ाया जाता है। इस विशेष प्रसाद को अर्पित करने और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और ‘जय श्रीराम’ व ‘जय हनुमान’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। आस्था और अटूट विश्वास का यह पर्व संठा की विशेष धार्मिक पहचान से जुड़ा है, जहां हर वर्ष हजारों भक्त अपनी हाजिरी लगाते हैं।