चुनाव आयोग ने बिहार विधान परिषद की खाली हो रही 9 सीटों पर चुनाव और पूर्व सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से रिक्त हुई 1 सीट पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार इन सभी सीटों के लिए 1 जून से नामांकन शुरू हो जाएगा और मतदान 18 जून को कराया जाएगा। नीतीश कुमार की सीट पर उपचुनाव के लिए भी 1 जून को अधिसूचना जारी होगी तथा उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 18 जून को वोटिंग होगी और इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती भी शुरू हो जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। चुनाव आयोग ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
विदित हो कि बिहार विधान परिषद के 9 सदस्यों का द्विवार्षिक कार्यकाल 28 जून को खत्म होने जा रहा है। जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें जेडीयू की कुमुद वर्मा और प्रोफेसर गुलाम गौस, आरजेडी के मोहम्मद फारूख और बीजेपी के भीषम साहनी शामिल हैं। इसके अलावा जेडीयू से विधायक बने मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा जो 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद सीट से इस्तीफा दे चुके हैं, उनकी खाली हुई सीट पर भी चुनाव कराया जाएगा। इसके अलावा बीजेपी के संजय प्रकाश उर्फ संजय मयूख, कांग्रेस के समीर कुमार सिंह और आरजेडी के सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। इसी तरह सीएम सम्राट चौधरी 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद से इस्तीफा दे चुके हैं और उनकी सीट पर भी चुनाव होगा।
जहां तक एक सीट पर उपचुनाव की बात है तो पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने एमएलसी पद छोड़ दिया था। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हो गई थी। अब इस सीट पर नए सदस्य का चुनाव होगा। खास बात यह है कि जिस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है, उसका कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा। ऐसे में इस सीट को लेकर राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा शुरू हो गई है। यह चुनाव विधानसभा के विधायकों द्वारा कराया जाएगा।