औरंगाबाद के रिसियप थाने में तैनात एसआई उमेश कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। दारोगा ने मारपीट के एक मामले में राहत देने के बदले एक शख्स से रिश्वत की डिमांड की थी। उसने पीड़ित से पहले दो लाख रुपये मांगे और फिर शख्स द्वारा इसमें असमर्थता जताने पर उसे पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी। बाद में सौदेबाजी के बाद एक लाख रुपये में मामला तय हुआ। पीड़ित शख्स ने बीते दिन तय राशि की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दारोगा को दिए। इसी दौरान वहां पहले से जाल बिछाकर बैठी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने दारोगा को रंगेहाथ रिश्वत के रुपयों के साथ दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार दारोगा की पहचान रिसियप थाना के सब-इंस्पेक्टर उमेश कुमार के रूप में हुई है। दारोगा को अरेस्ट करने के बाद निगरानी की टीम उसे पटना स्थित निगरानी थाना ले गई, जहां आज शनिवार को विशेष निगरानी अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। निगरानी डीएसपी ने बताया कि रिसियप थाना क्षेत्र के तेंदुआ गणपत गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण राम ने दारोगा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि नाली विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में जांच कर रहे एसआई उमेश कुमार उससे दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। साथ ही रिश्वत नहीं देने पर पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में जाल बिछाया गया।
इधर रिश्वत की डील तय होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम बीते दिन पटना से रिसियप पहुंची। पीड़ित लक्ष्मण राम दारोगा को रिश्वत देने के लिए रिसियप थाना पहुंचे। दारोगा उन्हें थाना परिसर के पीछे स्थित पंचायत सरकार भवन के पास ले गया। जैसे ही उसने 50 हजार रुपये की पहली किश्त ली, पहले से निगरानी कर रही टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की सात सदस्यीय टीम में डीएसपी संतोष कुमार के अलावा एएसआई रंजन कुमार, सतीश कुमार सिंह, एसआई संजीत कुमार, मो. नसीम अहमद, राहुल कुमार और राममोहन राम शामिल थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि तेंदुआ गणपत गांव में नाली-गली के पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी विवाद में 14 जुलाई को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें वह घायल हो गए थे। डायल-112 की टीम उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गई थी। दूसरे पक्ष की ओर से रंजीत राम की पत्नी रेशमी देवी ने भी रिसियप थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था। दोनों मामलों की जांच की जिम्मेदारी एसआई उमेश कुमार को सौंपी गई थी।