बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में दिन के 1 बजे तक करीब 20 प्रतिशत वोटिंग हो पाई है। वोटिंग की रफ्तार कुछ धीमी है, लेकिन शाम होते—होते इसमें तेजी आने की संभावना है। इधर चुनावी गहमा—गहमी के बीच आज जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर और एक एसएचओ के बीच बहस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रशांत किशोर जक्कनपुर थाने में पुलिस अधिकारियों से अपने कथित लापता कार्यकर्ताओं को लेकर सवाल पूछते हैं। इसी क्रम में उनकी एसएचओ से जमकर बहस हो जाती है। बताया जाता है कि यह वीडियो चुनाव के एक दिन पहले का है। वीडियो में थानेदार और प्रशांत किशोर के बीच तीखी बहस होती है जिसके बाद थानेदार उनसे साफ शब्दों में कहता है कि—’मेरे ही थाने में बैठकर मुझे धमकी दे रहे हैं’?
दरअसल, प्रशांत किशोर अपने कुछ कार्यकर्ताओं के अचानक गायब होने का आरोप लगाते हुए बीती देर शाम जक्कनपुर थाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि जनसुराज के करीब 15-16 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठाया है, जबकि 2 लोगों को गायब कर दिया गया है। उन दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने पुलिस से पूछा कि अगर लोगों को हिरासत में लिया गया है तो किस मामले में लिया गया है और उन्हें कहां रखा गया है। इस दौरान थानेदार ने भी कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी के बारे में जानकारी है तो नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। लेकिन थाने में बैठकर दबाव बनाने या धमकी देने का तरीका सही नहीं है।
बातचीत के दौरान थानेदार ने कहा कि आप यहां आकर मेरे थाने में बैठकर मुझे धमकी देंगे, यह सही नहीं है। क्या मैं अपनी वर्दी उतार दूं? अगर मैंने अपनी वर्दी उतार दी तो मैं भी आप लोगों जैसा आम आदमी बन जाऊंगा। इसलिए ऐसा मत कीजिये, कोई जानकारी होगी तो कानून के मुताबिक दी जाएगी। इसके बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह घबरा गई है। अगर जनसुराज के किसी कार्यकर्ता ने कोई अपराध किया है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए, लेकिन बिना जानकारी दिए किसी व्यक्ति को गायब नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि करीब 15-16 नेताओं और कार्यकर्ताओं का कोई अता-पता नहीं है। अगर पुलिस उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं करती है तो उसके खिलाफ अपहरण का मामला भी बन सकता है।