पटना। बिहार में अब सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की खैर नहीं। राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी कर ली है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को ‘बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956’ के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा कई मामलों में अतिक्रमण हटाने के जो निर्देश दिए गए हैं, उनका अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान के तहत शहरी सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके लिए सरकार ने आवश्यक वित्तीय आवंटन और संसाधन भी जिलों को उपलब्ध करा दिए हैं। राज्य सरकार ने भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के ‘नो मैन्स लैंड’ में अतिक्रमण को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत गंभीर माना है। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा सीमांकन के लिए संयुक्त सर्वेक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण हटाया जाए।
सरकार ने इस अभियान में मानवीय दृष्टिकोण को भी सर्वोपरि रखा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निर्देश दिया है कि जीविकोपार्जन के लिए सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करने वाले गरीब और असहाय लोगों को तब तक न हटाया जाए, जब तक उनके लिए वेंडिंग जोन या वैकल्पिक व्यवस्था न हो जाए। पुनर्वास की मुकम्मल व्यवस्था के बाद ही विस्थापन की कार्रवाई की जाएगी। वहीँ, उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ विकास करना है ताकि किसी की आजीविका प्रभावित न हो।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को न्यायोचित बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था करते हुए जिलाधिकारी को अपीलीय प्राधिकारी होते हुए उन्हें सीधे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से अलग रखा गया है। अब अंचल अधिकारी (CO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) स्तर के अधिकारी ही इस अभियान का नेतृत्व करेंगे। सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में लंबित अतिक्रमण वादों की एक विस्तृत सूची तैयार करें। इसमें नोटिस भेजने से लेकर कार्रवाई की वर्तमान स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य होगा।