राज्यसभा चुनाव में बिहार की सभी 5 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज कर ली। एनडीए के 5वों उम्मीदवार शिवेश राम को 30 वोट मिले, जबकि महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र कुमार सिंह को 37 विधायकों ने वोट दिया। लेकिन इसके बाद भी शिवेश राम की जीत हुई, यह कैसे हुआ? आइए जानते हैं। दरअसल, राज्यसभा चुनाव में कल हुई वोटिंग के दौरान NDA के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम को सिर्फ 30 विधायकों ने ही वोट किया। जबकि RJD के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को 37 विधायकों ने वोट किया था। मगर विधायकों के ज्यादा वोट हासिल करने के बावजूद अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव हार गए। इस वाकये ने 2016 में हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव की याद दिला दी। तब वहां सबसे कम विधायकों के वोट पाने के बावजूद सुभाष चंद्रा राज्यसभा चुनाव जीत गए थे।
रास चुनाव की काउंटिंग में वरीयता क्रम का गुणा—भाग
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए वरीयता क्रम में वोट डालना होता है। कल बिहार विधानसभा में हुई वोटिंग के दौरान नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा को वोट डालने वाले NDA के सभी विधायकों ने द्वितीय वरीयता का वोट शिवेश राम को दिया था। जीतने के लिए उम्मीदवार को वोट का तय कोटा हासिल करना होता है। इस चुनाव में बिहार विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 243 के हिसाब से 41 था जीत का कोटा। मगर कल हुए चुनाव के दौरान महागठबंधन के 4 MLA गायब रहे। इससे जीत का मानक घट कर 40 हो गया। इस तरह 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में 5 सीटों पर हो रहे चुनाव में जीत के लिए 41 विधायकों के वोट की आवश्यकता थी। परंतु 4 विधायकों के अनुपस्थित होने के कारण कोटा घट कर 40 ही रह गया। यानी जिन उम्मीदवारों को 40 या इससे अधिक विधायकों ने वोट डाला, वे सभी चुनाव जीत गए। इस आधार पर नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा चुनाव जीत गए।
के 4 एमएलए गायब, घट गया जीत का कोटा, मत ट्रांसफर
लेकिन शिवेश राम और अमरेंद्र धारी सिंह 40 का कोटा हासिल नहीं कर पाए। इसलिए मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ी और यह दूसरे स्टेज में पहुंची। नियमों के मुताबिक तय कोटे से अधिक वोट हासिल करने वाले कैंडिडेट के उतने वोट जो उन्होंने कोटे से अधिक हासिल किया है, वह उस उम्मीदवार को ट्रांसफर हो जाता है जिसे दूसरी वरीयता के वोट मिले हैं। जैसे नीतीश कुमार ने तय कोटा 40 से 4 वोट अधिक हासिल किए। इस तरह उनको मिले ये अतिरिक्त 4 वोट शिवेश राम को ट्रांसफर हो गए। क्योंकि नीतीश कुमार को वोट देने वाले सभी उम्मीदवारों ने शिवेश राम को द्वितीय वरीयता का वोट दिया था इसलिए इसका लाभ उन्हें काउंटिंग में मिला।
30 से 40 मतों तक इस तरह पहुंचा शिवेश राम का आंकड़ा
इस तरह नीतीश कुमार के कोटे से 4, नितिन नबीन के कोटे से 4 और रामनाथ ठाकुर के कोटे से 2 विधायकों का वोट शिवेश राम को ट्रांसफर हो गया। इत प्रकार प्रथम वरीयता का 30 वोट पाने वाले शिवेश राम को मिले मतों का आंकड़ा इन 10 अतिरिक्त मतों के साथ 40 वोट तक जा पहुंचा। इस तरह काउंटिंग के दौरान नडीए के शिवेश राम को जीत हेतु जरूरी 40 वोट मिल गए और इस तरह उन्होंने 37 वोट हासिल करने वाले अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा चुनाव की 5वीं सीट पर हरा दिया। विदित हो कि रास चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 44 विधायकों ने, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भी 44 विधायकों ने उपेन्द्र कुशवाहा को 42 और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को भी 42 विधायकों ने वोट किया। जबकि शिवेश राम महज 30 वोट लाकर भी दूसरी वरीयता के मतों के साथ विजयी साबित हुए।