वैशाली में जंदाहा के निकट तिसीऔता थाना क्षेत्र में बीती रात बेखौफ बदमाशों ने लूट के दौरान मुजफ्फरपुर के एक स्वर्ण व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक का नाम विशाल कुमार सोनी बताया जाता है और लूटपाट के दौरान उसे तीन गोलियां मारे जाने की पुष्टि हुई है। विशाल मूल रूप से मुजफ्फरपुर में मनियारी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। वह 8 साल से तिसीऔता के राम सुरेश चौक के पास किराये के मकान में रह रहा था और उसकी वहां फूलकुमारी मार्केट में सोने-चांदी की दुकान थी। बीती रात अपनी दुकान बंद कर जब पैदल ही अपने घर के लिए निकला तो रास्ते में लूट की नीयत से अपराधियों ने उसे घेर लिया। बिंदी चौक और राम सुरेश चौक के बीच बीती रात सुनसान रास्ते पर पहले से घात लगाए बदमाशों ने कारोबारी को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। अपराधियों ने नजदीक से तीन गोलियां मारीं और इसके बाद उसका बैग व सामान लेकर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि व्यापारियों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है।
बताया जाता है कि गोली लगते ही विशाल सड़क पर गिर गया और हमलावर लूट के बाद मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल विशाल को जंदाहा PHC लेकर गए जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
तीसीऔता थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो पता चला कि मृतक का बैग गायब है। पुलिस का कहना है कि लूट का विरोध करने पर हत्या की गई है। जबकि मृतक के परिजनों ने हत्या के पीछे रंजिश की आशंका जताई है। साथ ही परिजनों ने कुछ लोगों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। पुलिस अब इन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विशाल की किसी से पुरानी दुश्मनी थी या नहीं। फिलहाल घटनास्थल के आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अपराधियों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी शुरू की गई है। उम्मीद है कि CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों से हत्यारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इधर इलाके के कारोबारियों में इस हत्याकांड से डर का माहौल व्याप्त है। रक्षाबंधन के कारण बाजार में इन दिनों काफी चहल-पहल थी। इसके बावजूद एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजार में ग्राहकों की भीड़ और खरीदारी अधिक होने के कारण विशाल कुमार सोनी ने भी अपनी दुकान सामान्य दिनों की तुलना में देर से बंद की थी। दुकान बंद करने के बाद वह पैदल ही अपने किराये के मकान की ओर लौट रहे थे, तभी उनपर हमला हो गया।
