वैशाली सदर थाना क्षेत्र के मरमला चौर में बीती रात STF ने ज्वेलर्स लूटकांड समेत कई मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी राज नंदन उर्फ छोटू को गोली मारकर दबोच लिया। वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम उसकी तलाश में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके जवाब में की गई पुलिस की फायरिंग में एक गोली उसके पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। घायल आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक छोटू पर करीब 17 संगीन मामले दर्ज हैं और वह समस्तीपुर के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी है।

पुलिस को देखते ही करने लगा फायरिंग
पुलिस के अनुसार बीती रात वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम मरमला चौर में छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने घायल अवस्था में उसे दबोच लिया और सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। घायल अपराधी सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राय का पुत्र राज नंदन कुमार उर्फ छोटू है। छोटू वैशाली और समस्तीपुर पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था। उस पर लूट, आर्म्स एक्ट समेत करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों में संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।
अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक छोटू समस्तीपुर जिले के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2025 में न्यायालय में पेशी के दौरान वह समस्तीपुर कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद से वैशाली पुलिस और एसटीएफ की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस ने एक कट्टा और कुछ कारतूस बरामद किया है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बताया कि उसे सूचना मिली थी कि छोटू रात को अपने गांव के पास मरमला चौर में छिपा है और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। इसके बाद सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में STF और सदर थाना पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार खुद को घिरा देखकर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी शुभांक मिश्रा और सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
