भोजपुर के तरारी में एक औरत की प्यार वाली सनक ने मां-बेटे के रिश्ते को तार-तार कर दिया। बेटा एक गैर मर्द के प्यार में पागल अपनी मां के अवैध संबंधों का विरोध करता था। इसपर मां ने अपने प्रेमी से बोलकर बेटे को ही रास्ते से हटवा दिया। प्रेमी के लिए अपने ही बेटे का कत्ल करवाने वाली मां तरारी थाना क्षेत्र के दुर्गपुर गांव की रहने वाली मानती देवी बताई जाती है। पुलिस ने यहां 14 साल के स्कूली छात्र मोहित राज की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया। जांच में यह सामने आया कि जिस मां पर बेटे की परवरिश और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने अपने प्रेमी से मिलकर मासूम बेटे की हत्या करवा दी। पुलिस के अनुसार मां के कथित अवैध प्रेम संबंध का मोहित विरोध करता था। इसी बात से नाराज होकर मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोप है कि मां के इशारे पर उसके प्रेमी ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर मोहित की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां मानती देवी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मानती देवी के प्रेमी संतोष कुमार सिंह और दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पीरो एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता कर इस हत्याकांड के उद्भेदन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करते हुए हत्या के पीछे की साजिश का पता लगाया। पूछताछ के दौरान मृतक की मां की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि दुर्गपुर गांव निवासी सत्येंद्र सिंह उर्फ अलगू की पत्नी मानती देवी का गांव के ही संतोष कुमार सिंह के साथ प्रेम संबंध था। संतोष का महिला के घर आना-जाना होने लगा। बेटे मोहित को मां के इस संबंध की जानकारी थी और वह इसका विरोध करता था। इसी बात को लेकर मां और बेटे के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस का कहना है कि मोहित का विरोध मां और उसके प्रेमी को खटकने लगा। इसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची और प्रेमी संतोष कुमार सिंह ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर मोहित की हत्या कर दी।
मामले में सभी आरोपितों की पहचान कर ली गई है। हालांकि, अभी संतोष कुमार सिंह और दो अन्य आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जानकारी में बताया गया कि मृतक मोहित राज आठवीं कक्षा का छात्र था। बीते 27 अक्टूबर की शाम वह घर से करथ बाजार स्थित एटीएम बूथ पर रुपये निकालने गया था। उसके पिता सत्येंद्र सिंह उर्फ अलगू के अनुसार, मोहित ने एटीएम से छह हजार रुपये की निकासी की थी। इसके बाद वह घर लौट रहा था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचा। बेटे के वापस नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई और उसकी खोजबीन शुरू की गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच 28 अक्टूबर की सुबह करथ गांव स्थित बिरहर करहा के समीप उसका शव बरामद किया गया। इस मामले में मृतक के पिता सत्येंद्र सिंह उर्फ अलगू के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने संतोष कुमार सिंह समेत तीन लोगों को नामजद किया था। पिता का आरोप था कि संतोष का उनके घर अक्सर आना-जाना था। इस बात का उनका बेटा मोहित विरोध करता था। इसी विवाद को लेकर पहले भी संतोष की ओर से धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी। पिता ने आशंका जताई थी कि उनके बेटे को रास्ते से हटाने की नीयत से उसकी हत्या की गई है।