बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद सीएम सम्राट चौधरी आज बुधवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। यह मुलाकात तब हुई है जब एक दिन बाद ही जदयू की एनडीए गठबंधन में भूमिका को लेकर अहम बैठक है। ऐसे में यह मुलाकात सियासी गलियारे में काफी चर्चा में है। दरअसल मुख्यमंत्री सम्राट दिल्ली में बिहार के विकास और औद्योगिक योजनाओं को लेकर हुई अहम बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विकास योजनाओं की भावी रूपरेख से अपडेट कराने गए थे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी भी वहां मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात से पहले और बाद में राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश और बाढ़ नियंत्रण को लेकर केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास और बाढ़ नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री के स्तर पर राज्य में गाद नीति को लेकर निर्णय लिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ समझौता भी हुआ है। इसके तहत गंगा सहित विभिन्न नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने की योजना है। इससे बाढ़ नियंत्रण और मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही नदियों से निकाली गई गाद का उपयोग भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व सीएम नीतीश की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में सुशासन स्थापित किया और राज्य को संगठित अपराध से मुक्त कराया। अब प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और नीतीश कुमार के सहयोग से बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। सम्राट ने बताया कि गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत पांच स्थानों पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया गया है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए करीब 13 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। इनमें से एक हजार से अधिक उद्योगों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना में कंट्रोल-एस नाम से डाटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इससे राज्य में डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।