राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि श्रावणी मेला बिहार की आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले श्रावणी मेलों के लिए वित्तीय मदद की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा 13 जिलों में आयोजित होने वाले श्रावणी मेलों के लिए कुल 2.25 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह राशि मेला क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खर्च की जाएगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
राजस्व मंत्री ने बताया कि बेगूसराय जिले के बाबा हरिगिरि धाम, गढ़पुरा, सिमरिया घाट, झमटिया घाट (बछवारा) तथा छर्रा पट्टी घाट (साहेबपुर कमाल) में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला के लिए 30 लाख रुपये तथा मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ एवं बाबा दूधनाथ मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले मेले के लिए 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ अलावा भागलपुर श्रावणी मेला के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये, बांका एवं मुंगेर जिले के लिए एक-एक करोड़ रुपये, लखीसराय के लिए 75 लाख रुपये, जमुई, पूर्णिया एवं मधुबनी में श्रावणी मेला के लिए 10-10 लाख रुपये, वैशाली एवं सारण में श्रावणी मेला के लिए 2.50-2.50 लाख रुपये, पूर्वी चंपारण के अरेराज मंदिर के लिए 5 लाख रुपये तथा जहानाबाद जिले के वानावर श्रावणी मेला के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने बताया कि विभाग को प्राप्त निर्देश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिन जिलों के लिए श्रावणी मेला आयोजन हेतु राशि स्वीकृत की गई थी, उन्हें स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत प्रथम चरण में उपलब्ध कराया जाएगा। शेष राशि संबंधित जिलों से अधियाचना प्राप्त होने के बाद जारी की जाएगी, ताकि आयोजन कार्यों में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा उत्पन्न न हो। इस आवंटित राशि का उपयोग स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यात्री सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हों और उनकी धार्मिक यात्रा सुखद एवं सुविधाजनक बने। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारी की जा रही है।