अरवल – जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने हेतु ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका से संबंधित आंकड़ों के संकलन एवं संधारण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के निर्माण की प्रक्रिया, आंकड़ों के संकलन की विधि, विभिन्न प्रपत्रों के सही ढंग से संधारण तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को ग्राम एवं नगर स्तर पर उपलब्ध विभिन्न आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों के शुद्ध एवं प्रमाणिक संकलन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जिला जनगणना हस्तपुस्तिका प्रत्येक जिले की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, नागरिक सुविधाओं, आधारभूत संरचनाओं तथा विकास संबंधी महत्वपूर्ण तथ्यों का विस्तृत दस्तावेज होता है। इसका निर्माण ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका में संकलित सूचनाओं के आधार पर किया जाता है, जो भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीति निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है। जिला जनगणना हस्तपुस्तिका प्रशिक्षण कार्यक्रम का
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ग्राम एवं नगर निर्देशिका में कुल 09 अनुभागों के अंतर्गत सूचनाओं का संकलन किया जाएगा। ग्राम निर्देशिका के प्रमुख अनुभागों में शैक्षणिक सुविधाएँ, चिकित्सा सुविधाएँ, पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएँ, संचार, परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था, बैंक, ऋण एवं अन्य विविध सुविधाएँ, विद्युत एवं अन्य ऊजा स्रोतों की उपलब्धता, भूमि उपयोग एवं सिंचाई व्यवस्था, प्रमुख कृषि उत्पादन, विनिर्माण एवं हस्तशिल्प तथा टिप्पणी एवं अवलोकन शामिल हैं।
नगर निर्देशिका के प्रमुख अनुभागों में नगर की स्थिति एवं विकास का इतिहास, नगर का स्थान, भौगोलिक विवरण एवं जलवायु, नागरिक एवं आधारभूत संरचना संबंधी सुविधाएँ, शैक्षणिक सुविधाएँ, सामाजिक, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक सुविधाएँ, उद्योग एवं बैंकिंग सुविधाएँ, चिकित्सा सुविधाएँ, स्लम क्षेत्रों में उपलब्ध नागरिक सुविधाएँ तथा टिप्पणी एवं अवलोकन से संबंधित आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।
प्रशिक्षण में सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित प्रपत्रों में पूर्ण शुद्धता एवं सावधानी के साथ आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करें, ताकि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का प्रकाशन गुणवत्तापूर्ण एवं त्रुटिरहित हो सके। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि यह आंकड़ा संकलन कार्य जिले के सभी वार्ड में 01 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा। सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा जनगणना संबंधी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट