नई दिल्ली/पटना : पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद बिहार के सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। नतीजों के ठीक बाद जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद संजय झा तथा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी मौजूद थे।
मुलाकात के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह एक आत्मीय एवं सार्थक मुलाकात थी। इस दौरान बिहार और पूर्वोत्तर भारत के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी इसे विकास केंद्रित बातचीत करार दिया। हालांकि, इस मुलाकात के राजनीतिक मायने गहराई से निकाले जा रहे हैं।
वहीँ, जदयू के अंदरूनी सूत्रों और नेताओं का मानना है कि बांकीपुर में भाजपा की हार की मुख्य वजह बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में नीतीश कुमार को पीछे रखना रही। जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह ने खुलकर बयान देते हुए कहा, “अगर नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहते, तो बांकीपुर में ऐसा परिणाम नहीं आता। सरकार और नेतृत्व में हुए बदलाव से जनता में गहरी नाराजगी थी, जो इस उपचुनाव के नतीजों में झलकी है।”
गौरतलब है कि बांकीपुर सीट को तीन दशकों से भाजपा का अभेद्य किला माना जाता रहा था। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की इस उपचुनाव में जीत ने भाजपा के पारंपरिक शहरी वोट बैंक में भारी सेंधमारी की है। इस पराजय के बाद एनडीए के भीतर आंतरिक समीकरणों और आगामी रणनीतियों पर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है।