नवादा : जीआईओ नवादा की तरफ से आयोजित महिला सम्मेलन में स्पीकर फरहीन शेख ने “नारीत्व को अपनाना” विषय पर प्रभावशाली भाषण दिया। अपने संबोधन में फरहीन शेख ने कहा कि नारीत्व केवल स्त्री होना नहीं, बल्कि अल्लाह तआला की दी हुई हया, करुणा, ममता, धैर्य, त्याग और संवेदनशीलता जैसे सुंदर गुणों का नाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में महिलाओं को सफल बनने के लिए पुरुषों जैसा बनने की सोच गलत है। इस्लाम महिला की असली ताकत उसके नारीत्व में ही मानता है।
फरहीन शेख ने हज़रत ख़दीजा, हज़रत आयशा और हज़रत फ़ातिमा (रज़ियल्लाहु अन्हुन्ना) का उदाहरण देते हुए बताया कि इन महान महिलाओं ने साबित किया कि नारीत्व कभी कमजोरी नहीं, बल्कि समाज को बनाने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि नबी करीम ने महिलाओं को पुरुषों की सहभागी बताया और समान सम्मान व मानवीय गरिमा पर जोर दिया।
उन्होंने बहनों से आह्वान किया कि हया को सम्मान समझें, कोमलता को ताकत मानें, शिक्षा और अच्छे चरित्र में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी इस्लामी पहचान और नारीत्व को कभी न छोड़ें। सोशल मीडिया और आधुनिक संस्कृति के प्रभाव से पैदा हो रहे पहचान के संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हिजाब सम्मान है, हया ताकत है और माँ-बेटी-बहन-पत्नी होना महान ज़िम्मेदारी है। भाषण के अंत में फरहीन शेख ने सभी बहनों से संकल्प लेने की अपील की कि वे अपने नारीत्व पर गर्व करें और चरित्र, ज्ञान व हया से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँ। कार्यक्रम में उपस्थित महिला प्रतिनिधियों ने भाषण की सराहना की और इसे प्रेरणादायक बताया।
भईया जी की रिपोर्ट