जदयू के सर्वेसर्वा और बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार आज गुरुवार को अचानक डिप्टी सीएम और और अपने करीबी विजय चौधरी के आवास पहुंच गए। अपने पुराने तेवर में नजर आए नीतीश ने वहां विजय चौधरी से मुलाकात के बाद जाते समय कार में बैठते हुए उनसे कहा कि क्या हो रहा है, शाम को मेरे घर आकर मुझे सब बताइए। इसके बाद वे वहां से औचक निरीक्षण के लिए जदयू दफ्तर पहुंचे जहां जनसुनवाई से जदयू मंत्रियों के गायब होने पर नाराजगी जताई। इधर विजय चौधरी को शाम में अपने घर सब बताने के लिए नीतीश द्वारा बुलाने को लेकर सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है। इस वाकये का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
बंद कमरे में दोनों की हुई खास बातचीत
दरअसल, आज गुरुवार को नीतीश कुमार अपने पुराने एक्शन मोड में नजर आए। पहले वो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के सरकारी आवास पहुंचे, जहां से निकलते वक्त उन्होंने उपमुख्यमंत्री को एक ऐसा निर्देश दिया जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है और इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि वहां जदयू के दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बंद दरवाजों के पीछे काफी देर तक चर्चा हुई। मुलाकात खत्म होने के बाद नीतीश कुमार डिप्टी सीएम के आवास से बाहर निकले और अपनी कार की ओर चलने लगे। गाड़ी के पास पहुंचकर उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को वहीं रुकने का इशारा किया। यह देखकर कि नीतीश कुमार रुक गए हैं, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी तेजी से उनके पास पहुंचे। दोनों नेता कार के पास खड़े हुए और थोड़ी देर तक और बातचीत करते रहे। जैसे ही नीतीश कुमार कार में बैठने लगे उन्होंने विजय चौधरी की ओर देखा और कहा, ‘आज शाम मेरे घर आइए और और एक-एक चीज बताइए कि क्या हो रहा है और क्या नहीं।’ नीतीश कुमार का यह निर्देश सुनकर, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी विनम्रता से कहा, ‘ठीक है, शाम में आता हूं।’
जदयू दफ्तर पहुंचे नीतीश हुए नाराज
डिप्टी CM विजय चौधरी को शाम को एक पूरी रिपोर्ट के साथ अपने घर आने का निर्देश देने के बाद नीतीश कुमार सीधे वहां से जदयू दफ्तर के लिए रवाना हो गए। जहां रोज जनसुनवाई होती है, जिसमें जदयू के तीन मंत्री आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों को सुनते हैं। आज गुरुवार को मंत्री अशोक चौधरी, मदन सहनी और श्वेता गुप्ता को जन सुनवाई के लिए पार्टी दफ्तर में मौजूद रहना था। लेकिन जब नीतीश कुमार अचानक जदयू दफ्तर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर वे हैरान रह गए। जन सुनवाई का तय समय हो चुका था और शिकायत करने वाले लोग इंतजार कर रहे थे, फिर भी तीनों मंत्रियों में से कोई भी दफ्तर में मौजूद नहीं था। मंत्रियों की इस लापरवाही को देखकर नीतीश कुमार नाराज हो गए।