नवादा : जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं नगर के प्रमुख मार्गो में से एक शहर के अस्पताल रोड की । सदर अस्पताल के गेट के बाहर प्रतिदिन सदर अस्पताल से निकले बायो मेडिकल बेस्ट के कचरे को खुले में फेंक दिया जा रहा है। इन कचरे को लेकर एक और जहां नगर परिषद धृतराष्ट्र बना हुआ है वहीं सदर अस्पताल कचडा कुमार बना हुआ है। जैसा कि आप तस्वीरों के माध्यम से देख रहे हैं कि सड़क के किनारे ब्लू पॉलिथीन में सदर अस्पताल से निकले हुए कचरे को फेंका गया है जिसे खुले में गए और अन्य तरह के जानवर इसे खाते हैं।
नगर परिषद ने दिया नोटिस, फिर भी अस्पताल के बाहर फेंका जा रहा मेडिकल कचरा
इस पर ना तो सदर अस्पताल के अधिकारियों की नजर जाती है और ना ही नगर परिषद के अधिकारियों की। बात यही नहीं रुकती। बात यह है कि प्रतिदिन इस रास्ते से कई आला अधिकारियों की गाड़ियां आती जाती है, हजारों की संख्या में प्रतिदिन पैदल और अन्य संसाधनों से लोग इस कचरे के बगल से गुजरते हैं लेकिन ना तो शहर के किसी समाज सेवी, किसी अधिकारी की नजर इस पर जाती है और ना ही विभाग कोई इस पर कार्यवाही करने को तैयार है।
नगर परिषद का कहना है कि हमने इसके बारे में सदर अस्पताल को नोटिस दिया है।
मेडिकल कचरे के निस्तारण पर टकराव, अस्पताल प्रशासन और जीविका के दावे अलग-अलग
इसके बावजूद भी कचरे को खुले में फेंका जा रहा है। दूसरी ओर सदर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सफाई का जिम्मा बिहार सरकार ने जीविका दिदियों को दिया है और हमने जीविका दिदियों को कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन रूम दिया है बावजूद जीविका दिदियां खुले में कचरा फेंक रही है यह उनकी प्रॉब्लम है। जीविका दीदी के सुपरवाइजर का कहना है कि सदर अस्पताल के द्वारा हमें कचरा फेंकने के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह उपलब्ध नहीं कराया गया है इसलिए मजबूरी बस कचरे को बाहर फेंकना पड़ रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट