नवादा : जिले के सिरदला प्रखंड की अब्दुल पंचायत अंतर्गत पिपरहिया गांव के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक गांव तक जाने के लिए सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, जिससे बरसात के दिनों में आवागमन काफी मुश्किल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विधायक, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही वादे भुला दिए जाते हैं।
पक्की सड़क नहीं होने से हर दिन परेशानी, ग्रामीणों ने खुद उठाया निर्माण का जिम्मा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जो थोड़ी-बहुत पीसीसी सड़क बनी है, वह भी सरकारी योजना से नहीं, बल्कि ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर बनवाई है। ग्रामीण कैलाश चौधरी, रामचंद्र मिस्त्री, बच्चू मिस्त्री, कैलाश मिस्त्री और कुलेश्वर मिस्त्री सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क नहीं रहने के कारण मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पक्की सड़क की मांग तेज
बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है तथा गांव का संपर्क मुख्य सड़क से लगभग कट जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से अविलंब पिपरहिया गांव तक पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। ग्रामीणों ने सरकार से गांव की उपेक्षा समाप्त कर सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
भईया जी की रिपोर्ट