नवादा : जिले की भौगोलिक और राजनैतिक पहचान देने में हसुआ का ऐतिहासिक योगदान रहा है। सन् 1845 में नवादा की भौगोलिक यात्रा गया जिले के एक अनुमंडल के रूप में शुरू हुई और 26 जनवरी 1973 को एक अलग जिले के रूप में मान्यता मिली। अनुमंडल से लेकर जिले तक की इस यात्रा में जिस महान् व्यक्तित्व का अदम्य साहसिक प्रयास था, उनका नाम था पूर्व मंत्री स्व शत्रुघ्न शरण सिंह। 1967 से 1972 तक हसुआ का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति ने 14 प्रखंडों वाले जिले को प्रशासनिक आकार दिया,यह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में आज भी शामिल है। समय बदला और समय के साथ बदला हसुआ का प्रतिनिधित्व।
1980 से लेकर 2005 तक इस यात्रा को स्वर्गीय आदित्य सिंह ने आगे बढ़ाया। बिहार सरकार में राज्यमंत्री बनने का गौरव भी हिसुआ के पूर्व विधायक स्वर्गीय आदित्य सिंह जी को प्राप्त है। लेकिन मंत्री रहते हत्या के मामले में गिरफ्तार होकर मंत्री पद गंवाना भी हसुआ के इतिहास में दर्ज है।समय बदला और हसुआ का प्रतिनिधित्व पुनः बदला।। 15 सालों से लालू राबड़ी शासन से उपजे असंतोष और बदलाव की लहर से उदय होता है एक ऐसे ओज और तेज सूर्य :- नाम है अनिल सिंह।
सामान्य पृष्ठभूमि से और बिना किसी राजनैतिक विरासत के अपने संघर्ष से अपनी पहचान की मजबूत आधारशिला रखने वाले योद्धा अनिल सिंह हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा श्रोत हैं जो मेहनत से सपने को साकार करने का माद्दा रखते हैं। लगातार तीन बार हसुआ विधान सभा की नुमाइंदगी करने वाले अनिल सिंह ने समाज के हर उस वर्ग का सामाजिक आर्थिक विकास करने का साहसिक प्रयास किया जो विकास की मुख्यधारा से वंचित रह गए थे।
2020 का चुनाव जिसमें विकास और समावेशी सिद्धांत पर जातीय समीकरण भारी पड़ा, उसने अनिल सिंह को शिकस्त झेलनी पड़ी परन्तु सदन में नहीं होने के बावजूद अनिल सिंह ने हसुआ के विकास को अनवरत आयाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और इसी का परिणाम है की 2025 में अनिल सिंह पुनः चुनाव जीते और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए वे निरंतर प्रयत्नशील हैं।
अनिल सिंह जैसे विरले नेता को हमने देखा है जो सत्ता,पद और राजनैतिक लालसा की फिक्र किए बिना अपनी राजनीति करते हैं और अपने स्वाभिमान को सबसे आगे रख कर करते हैं। 2005 से 2025 तक जितने भी चुनाव हुए अनिल सिंह ने हर उस व्यक्ति से लोहा लिया जो नवादा और खासकर हसुआ की अस्मिता का चिरहरण करने का कुत्सित प्रयास कर रहे थे।
विधान परिषद स्नातक चुनाव में एक बार फिर नीरज कुमार लगातार चौथी बार जीत सुनिश्चित कर उन्होंने एक बार फिर अपनी काबिलियत को साबित किया है। यह उनके आत्मबल से दृढ़निश्चयी होने का परिचायक है। यह कहा जाय आज नवादा में समाज के सबसे सर्वमान्य नेता अनिल सिंह हैं तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।यह पूरे जिले का सौभाग्य होगा अगर अनिल सिंह जैसे व्यक्ति हमारा प्रतिनिधित्व करें और नवादा के विकास के क्रम को नित नए आयाम प्रदान करें।
भईया जी की रिपोर्ट
