नवादा : सऊदी अरब में हुए हमले में जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के राईस गांव निवासी मोहम्मद अरमान आलम की मौत हो गई। स्वजन को उनकी मौत की खबर मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटे को परिवार का सहारा माना जाता था, उसकी मौत की खबर से वृद्ध पिता मोहम्मद अनवर मलिक बेसुध हो गए। गांव में भी मातम पसर गया। स्वजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। अरमान पिछले 22 वर्षों से सऊदी अरब में एक ही कंपनी में काम कर रहे थे। वह वहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत थे। दो जुलाई 2026 को अपनी बड़ी बेटी की शादी करने के बाद वह दोबारा काम पर सऊदी अरब लौट गए थे।

मृतक के वृद्ध पिता मोहम्मद अनवर मलिक ने रुंधे गले से बताया कि घटना वाले दिन दोपहर में अरमान ने घर पर फोन किया था। परिवार के लोगों से बातचीत भी हुई थी। किसी को अंदेशा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उनके निधन की खबर मिलेगी। उन्होंने बताया कि अरमान परिवार के बड़े बेटे थे और पूरे परिवार का सहारा था। पिता अनवर मलिक ने बताया कि उनके छोटे पुत्र अकबर, पोते इश्फाक आलम और दामाद नजामी सऊदी अरब में ही हैं। वे अरमान के पार्थिव शरीर के मिलने और उसे भारत लाने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
भईया जी की रिपोर्ट
